सरकार ने सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले फैब योजना में किया बदलाव, सभी को मिलेगा 50 प्रतिशत प्रोत्साहन

सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पैकेज के लिए कुल परिव्यय पहले जितना ही रहेगा, लेकिन प्रोत्साहन 50 प्रतिशत होने से सेमीकंडक्टर नीति ‘बेहद प्रतिस्पर्धी’ हो जाएगी.

सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण इकाइयों के लिए 76,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना में बदलाव किया है. इसके तहत सभी श्रेणियों के कारखानों के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत प्रोत्साहन देने की पेशकश की गई है. इन संशोधनों से इंटेल जैसी वैश्विक कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए आकर्षित किया जा सकेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी.

पिछले साल दिसंबर में घोषित उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन या पीएलआई योजना ने भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए विभिन्न श्रेणियों को अलग-अलग वित्तीय सहायता देने की पेशकश की थी. ये सहायता 30-50 प्रतिशत के बीच थी. सरकार ने इसे एक समान कर दिया गया है.

सरकार न केवल अत्याधुनिक कंप्यूटिंग चिप्स बल्कि बिजली, दूरसंचार और मोटर वाहन जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना के लिए सभी प्रौद्योगिकी नोड्स में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत प्रोत्साहन देगी. सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पैकेज के लिए कुल परिव्यय पहले जितना ही रहेगा, लेकिन प्रोत्साहन 50 प्रतिशत होने से सेमीकंडक्टर नीति ‘बेहद प्रतिस्पर्धी’ हो जाएगी. इससे सिलिकॉन और कंपाउंड फैब, पैकेजिंग इकाइयों, डिस्प्ले फैब और डिजाइन तथा नवोन्मेषण पारिस्थितिकी तंत्र को अत्यधिक बढ़ावा मिलेगा.

उन्होंने कहा कि वैश्विक कंपनियां सेमीकंडक्टर के लिए एक व्यावहारिक निवेश गंतव्य के रूप में भारत के नाम पर विचार कर रही हैं. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के लिए एशिया में सबसे आकर्षक गंतव्य के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है, और सरकार को भरोसा है कि अगले दो वर्षों में लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा.

चंद्रशेखर ने संवाददाताओं से कहा- हमें विश्वास है कि इस फैसले से कंपनियों की दिलचस्पी और बढ़ेगी और नए प्रस्ताव हमारे सामने आएंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब की स्थापना के साथ ही अन्य श्रेणियों जैसे कम्पाउंड सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना के लिए परियोजना लागत के 50 प्रतिशत वित्तीय समर्थन को मंजूरी दी.

चंद्रशेखर ने कहा- हम चाहते हैं कि डिजाइन से लेकर विनिर्माण और पैकेजिंग तथा परीक्षण तक, पूरा एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र यहां मौजूद हो. जोखिम यह था कि हमारे पास फैब होते और फिर पैकेजिंग कहीं और होती. हम नहीं चाहेंगे कि ऐसा स्थिति हो… हम चाहते हैं कि अगर फैब यहां हैं, तो पैकेजिंग भी यहां हो. उन्होंने कहा कि नयी कंपनियों के आने से यदि कुल परिव्यय को बढ़ाने की जरूरत होती है, तो सरकार इस मुद्दे पर विचार करेगी.

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