Budget 2026: कॉर्पोरेट टैक्स रहेगा स्थिर, लेकिन नौकरीपेशा को मिल सकती है बड़ी ‘सैलरी वाली’ खुशखबरी

Budget 2026 में रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर सबसे ज्यादा फोकस रहने की उम्मीद है. सर्वे के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कैपेक्स (Capex) और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देंगी. साथ ही, महंगाई काबू में रहने और सैलरी क्लास को टैक्स में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है.

Budget 2026 को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब इस बार का बजट पेश करेंगी, तो सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि सरकार देश की तिजोरी का मुंह किस तरफ खोलती है. ‘स्मॉलकेस’ (smallcase) के एक हालिया सर्वे ने साफ कर दिया है कि इस साल का बजट मुख्य रूप से विकास और आत्मनिर्भरता पर टिका होगा. आइए, इसे आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं.

किन क्षेत्रों पर रहेगी सरकार की मेहरबानी ?

सर्वे के मुताबिक रक्षा (Defence) सेक्टर इस बार भी ‘सुपरस्टार’ रहने वाला है. करीब 40% जानकारों का मानना है कि सेना को आधुनिक बनाने और भारत में ही हथियार बनाने (स्वदेशीकरण) के लिए सरकार बड़ा फंड आवंटित करेगी. लक्ष्य साफ है, हथियारों के मामले में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना और निर्यात बढ़ाना.

इसके बाद नंबर आता है इंफ्रास्ट्रक्चर का. लगभग 29% विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार सड़कों, पुलों, बंदरगाहों और रेलवे के जाल को बिछाने के लिए निवेश जारी रखेगी. इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने का मतलब है, सीधे तौर पर नए रोजगार पैदा करना. वहीं, मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) सेक्टर को भी 18% वोट मिले हैं. उम्मीद है कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘PLI स्कीम’ (उत्पादन आधारित प्रोत्साहन) को और मजबूती दी जाएगी ताकि भारत दुनिया का फैक्ट्री हब बन सके.

आपकी जेब और बाजार का हाल

आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता महंगाई होती है. राहत की बात यह है कि साल 2025 में महंगाई नियंत्रण में रही है और अनुमान है कि 2026 में भी यह 4 से 5% के दायरे में रहेगी. इसका मतलब है कि जरूरी चीजों के दाम स्थिर रह सकते हैं. जहां तक टैक्स का सवाल है, कॉर्पोरेट जगत (बड़ी कंपनियों) को शायद इस बार कोई बड़ी छूट न मिले, लेकिन सैलरी पाने वाले मध्यम वर्ग को वित्त मंत्री से काफी उम्मीदें हैं. जानकारों का मानना है कि टैक्स के नियमों को सरल बनाया जा सकता है या स्टैंडर्ड डिडक्शन में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है ताकि आम आदमी के हाथ में खर्च करने के लिए थोड़ा ज्यादा पैसा बचे.

शेयर बाजार की हलचल

बजट से पहले शेयर बाजार में काफी ‘उतार-चढ़ाव’ देखा जा सकता है. निवेशक अभी से उन कंपनियों के शेयर चुन रहे हैं जो डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हैं. कुल मिलाकर, बजट 2026 देश को एक आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम साबित हो सकता है.

Also Read: क्या आपके दादा-दादी के लिए Budget 2026 लौटा कर ला रही है सस्ते ट्रेन जर्नी के दिन? जानें क्या है वंदे भारत स्लीपर के नए नियम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >