96 घंटे तक ठप रहेगी बैंकिंग सेवा, इस तारीख से पहले निपटा लें अपना जरूरी काम

Bank Strike: जनवरी के अंत में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप होने वाली हैं. छुट्टियों और 27 जनवरी की देशव्यापी हड़ताल के कारण बैंक लगातार 96 घंटों के लिए 'लॉक' रहेंगे. चेक क्लियरिंग से लेकर कैश निकासी तक सब अटक सकता है, इसलिए समय रहते अपने जरूरी काम निपटा लें.

By Anshuman Parashar | January 5, 2026 10:35 AM

Bank Strike: जनवरी महीने के आखिरी दिनों में आम आदमी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. अगर यूनियन की प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो सरकारी और कुछ निजी बैंकों में कामकाज पूरी तरह रुक जाएगा. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हड़ताल की तारीख ऐसी चुनी गई है कि छुट्टियों के कारण लगातार चार दिनों तक बैंकों के ताले नहीं खुलेंगे.

छुट्टियों के बीच हड़ताल का ‘महा-संकट’

जनवरी के अंतिम सप्ताह में कैलेंडर का गणित बैंकिंग सेवाओं के खिलाफ जाता दिख रहा है. 24 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे, जिसके ठीक बाद 25 जनवरी को रविवार का अवकाश है. सोमवार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय छुट्टी है. इन तीन लगातार छुट्टियों के तुरंत बाद, 27 जनवरी को यूनियन ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. यानी ग्राहकों को बैंक से जुड़े किसी भी काम के लिए शुक्रवार के बाद सीधा बुधवार का इंतजार करना पड़ सकता है.

आखिर क्यों 5-डे बैंकिंग पर अड़े हैं कर्मचारी?

इस पूरे विवाद की जड़ हफ्ते में पांच दिन काम करने की मांग है. बैंक कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें भी दूसरे सरकारी दफ्तरों की तरह हर शनिवार को छुट्टी दी जाए. कर्मचारियों का तर्क है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बीमा क्षेत्र (LIC) में यह व्यवस्था पहले से लागू है, तो आम बैंकों में देरी क्यों? अपनी मांग को जायज ठहराते हुए यूनियनों ने प्रस्ताव दिया है कि वे शनिवार की छुट्टी के बदले हर वर्किंग डे पर 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे, ताकि ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो.

सरकार की चुप्पी और कर्मचारियों का आक्रोश

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए समझौते में इस पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. इसी सुस्ती से नाराज होकर 9 प्रमुख यूनियनों के संगठन UFBU ने आंदोलन का रास्ता चुना है. सोशल मीडिया पर भी इस मांग को लेकर जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, जहाँ लाखों लोग डिजिटल अभियान के जरिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.

आम जनता पर पड़ने वाला असर

लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहने से न केवल चेक क्लियरिंग और कैश डिपॉजिट जैसे काम अटकेंगे, बल्कि एटीएम में नकदी की किल्लत भी हो सकती है. व्यापारियों के लिए लेनदेन करना और जरूरी ड्राफ्ट बनवाना बड़ी चुनौती बन सकता है. जानकारों की सलाह है कि बैंकिंग से जुड़े अपने सभी जरूरी काम 23 जनवरी तक हर हाल में निपटा लें.

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