रेपो रेट में कटौती होते ही इन दो बैंकों 0.25% घटा दी ब्याज दरें, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

Interest Rates Cut: बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक ने आरबीआई की ओर से रेपो रेट घटाने के तुरंत बाद अपनी कर्ज ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की है. इससे होम लोन, पर्सनल लोन सहित सभी ऋण सस्ते होंगे. नई दरें क्रमशः 8.85% और 8.8% होंगी. इस कदम से मौजूदा और नए उधारकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा.

Interest Rates Cut: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में 0.25% की कटौती के तुरंत बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) और यूको बैंक (UCO Bank) ने अपनी लोन ब्याज दरों में 0.25% की कटौती करने की घोषणा की है. इससे मौजूदा और नए दोनों प्रकार के उधारकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा.

नई ब्याज दरें और प्रभाव की तारीख

बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो आधारित ऋण दर (RBLR) को 9.10% से घटाकर 8.85% कर दिया है, जो बुधवार से लागू हो चुकी है. वहीं, यूको बैंक ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.8% कर दिया है, जो गुरुवार से प्रभावी होगी.

ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस कटौती के बाद, बैंक के सभी प्रकार के ऋण (होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन और बिजनेस लोन) पर ब्याज दरें घटेंगी. इससे हर महीने की EMI में भी कमी आएगी, जिससे ग्राहकों की आर्थिक राहत बढ़ेगी.

आरबीआई की रेपो रेट में कटौती का असर

बुधवार को आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 6.25% से घटाकर 6.0% कर दिया था. रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है. इसमें कमी आने पर बैंक भी अपने कर्ज की दरों में बदलाव करते हैं.

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दूसरे बैंक भी कर सकते हैं ब्याज दरों में कटौती

बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक के बाद अब उम्मीद है कि देश के दूसरे बैंक भी जल्द ही अपनी लोन दरों में इसी प्रकार की कटौती करेंगे, जिससे बाजार में क्रेडिट लेने की लागत कम होगी और उपभोक्ता मांग को बढ़ावा मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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