Asian Market Crash: सोमवार की सुबह एशियाई बाजारों के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही है. वेस्ट एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात की वजह से बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली है. जापान और दक्षिण कोरिया के मार्केट तो करीब 7% तक टूट गए है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया अचानक उछाल है.
क्यों आई शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार गिरने का सीधा कनेक्शन कच्चे तेल से है. सोमवार सुबह जैसे ही कारोबार शुरू हुआ, कच्चे तेल की कीमतें 25% से ज्यादा बढ़ गईं. ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. निवेशकों को डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो तेल की सप्लाई रुक सकती है और महंगाई आसमान छूने लगेगी. इसी डर की वजह से दुनिया भर के निवेशकों ने शेयर बाजार से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है.
कौन-कौन से देशों के बाजारों पर पड़ा असर?
जापान का प्रमुख इंडेक्स निकेई (Nikkei 225) 7% गिरकर 52,010 के स्तर पर आ गया है. वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) भी 7.43% लुढ़क गया है. ताइवान के बाजार में 5% से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी 2% से ज्यादा की कमी देखी गई. अमेरिकी बाजार पहले ही पिछले शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिससे सेंटीमेंट और खराब हो गया.
वेस्ट एशिया में ऐसा क्या हुआ कि दुनिया डर गई?
इस समय वेस्ट एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है. खबरों के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की अपुष्ट खबरों ने आग में घी डालने का काम किया है. इस टकराव से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट (Energy Crisis) गहराने का खतरा पैदा हो गया है.
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