वर्किंग ऑवर पर बोले आकाश अंबानी- मेरे लिए काम के घंटे नहीं, काम की क्वालिटी इम्पॉर्टेंट

Working Hours Debate: आकाश अंबानी ने कहा कि सफलता के लिए काम के घंटे नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता मायने रखती है. मुंबई टेक वीक में उन्होंने वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर दिया और रिलायंस जियो के एआई निवेश की घोषणा की. उनका यह बयान वर्किंग ऑवर डिबेट और इंडियन टेक सेक्टर के लिए काफी अहम है.

Working Hours Debate: देश में काम के घंटों पर छिड़ी बहस में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बड़े बेटे और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी भी कूद पड़े हैं. शुक्रवार को उन्होंने कहा, ”मेरे लिए किसी दफ्तर में बिताए गए कामकाजी घंटों से कहीं अधिक काम की क्वालिटी अधिक मायने रखती है.” काम के घंटों पर आकाश अंबानी की यह टिप्पणी हर हफ्ते वर्कप्लेस पर बिताए जाने वाले घंटों की संख्या पर जारी बहस के बीच आई है.

मुंबई टेक वीक में आकश अंबानी ने दिया बयान

भारत की औद्योगिक राजधानी मुंबई में आयोजित ‘मुंबई टेक वीक’ कार्यक्रम में आकाश अंबानी ने कहा, “मैं इसके बारे में (काम पर बिताए जाने वाले समय के बारे में) समय और घंटों की मात्रा के लिहाज से नहीं सोचता. यह आपके हर दिन किए जाने वाले काम की क्वालिटी के बारे में है.” उन्होंने कहा कि काम और परिवार दोनों उनके लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और हर किसी को अपनी प्राथमिकताओं को समझना चाहिए.

वर्किंग ऑवर पर भारत में बहस तेज

हाल ही में, कई बड़े उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स ने काम के घंटे को लेकर अपनी-अपनी राय दी है. कुछ बिजनेस लीडर्स का मानना है कि हफ्ते में 70 से 90 घंटे तक काम करना सफलता के लिए जरूरी है. कुछ उद्योगपतियों का कहना है कि 50 घंटे से कम काम करने से भी अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं. इस मुद्दे पर देशभर में चर्चाएं हो रही हैं कि वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखना कितना जरूरी है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर रिलायंस का फोकस

आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने 1,000 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों, रिसचर्स और इंजीनियर्स की एक टीम बनाई है. जामनगर में एक गीगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर बनाया जा रहा है, जो भारत की एआई क्रांति में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) की पेशकश पर भी विचार कर रही है, जिससे देशभर में एआई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा.

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आकाश अंबानी की टिप्पणी के क्या हैं मायने

आकाश अंबानी की यह टिप्पणी भारत में वर्किंग ऑवर और वर्क-लाइफ बैलेंस पर जारी बहस के बीच आई है. उनके अनुसार, सफलता के लिए केवल ज्यादा घंटे काम करना जरूरी नहीं, बल्कि काम की क्वालिटी और आउटपुट अधिक मायने रखते हैं. इसके साथ ही, रिलायंस का AI सेक्टर में बड़ा इन्वेस्टमेंट भारतीय टेक इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करेगा.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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