Stock Market: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद डरावनी रही. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में 2% तक टूट गए थे. लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, बाजार में ‘शॉर्ट कवरिंग’ (बिकवाली के बाद फिर से खरीदारी) देखने को मिली. ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद निफ्टी 22,700 के पार बंद होने में सफल रहा. हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार है, बाजार में ऐसी ही उठापटक जारी रहेगी.
बाजार की हलचल के 3 बड़े कारण
ट्रंप की धमकी और शुरुआती क्रैश: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर “बेहद कड़ा प्रहार” करने की नई धमकी के बाद निवेशक घबरा गए. शुरुआती सत्र में चौतरफा बिकवाली हुई.
कच्चे तेल में आग: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 8% उछलकर 109 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गईं. इससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है, जिसका असर ऑटो और ऑयल-गैस सेक्टर के शेयरों पर दिखा.
IT सेक्टर बना ‘संकटमोचक’: जब हर तरफ लाल निशान था, तब IT सेक्टर इकलौता ऐसा सेक्टर था जो मजबूती से खड़ा रहा. निफ्टी IT इंडेक्स 2.60% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसने बाजार को सहारा दिया.
सेक्टर का हाल: कहां रही तेजी, कहां मंदी?
- टॉप गेनर्स (Top Gainers): IT सेक्टर के साथ-साथ मेटल (0.39%) और FMCG (0.21%) में हल्की खरीदारी रही.
- टॉप लूजर्स (Top Losers): कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की मार ऑटो (-0.62%), ऑयल एंड गैस (-0.79%) और सरकारी बैंकों (PSU Banks) पर पड़ी.
- एशियाई बाजारों का हाल: भारत के उलट, बाकी एशियाई बाजारों में कोहराम मचा रहा. जापान का निक्केई 2.73% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.67% तक टूट गया.
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