कैसे बनें स्मार्ट इन्वेस्टर? अभिषेक बच्चन ने शेयर किए अपने निजी निवेश के खास टिप्स और राज

Abhishek Bachchan Investment Strategy: अभिषेक ने बताया कि उनके पिता अमिताभ बच्चन को जमीन-जायदाद पर बहुत भरोसा है. पुरानी सोच यही रही है कि अगर आपके पास जमीन है तो आपका पैसा सुरक्षित है. जमीन दिखती है, हाथ में रहती है, इसलिए लोग उसे ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं.

Abhishek Bachchan Investment Strategy: ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 में हुई बातचीत के दौरान अभिषेक बच्चन ने अपनी निवेश रणनीति पर खुलकर बात की. उनकी बातें सिर्फ पैसों के निवेश तक सीमित नहीं थीं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि परिवार की सोच, व्यक्तिगत अनुभव और रोजमर्रा की आदतें किस तरह आर्थिक फैसलों को प्रभावित करती हैं. उनकी निवेश यात्रा परंपरागत भारतीय सोच और आधुनिक व्यावसायिक समझ का एक संतुलित मेल है.

“जमीन है तो सब ठीक है”

इंडियन एक्स्प्रेस के अनुसार अभिषेक ने बताया कि उनके पिता अमिताभ बच्चन को जमीन-जायदाद पर बहुत भरोसा है. पुरानी सोच यही रही है कि अगर आपके पास जमीन है तो आपका पैसा सुरक्षित है. जमीन दिखती है, हाथ में रहती है, इसलिए लोग उसे ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं. अभिषेक खुद भी सोने में पैसा लगाते रहे हैं. फिर घर में बात हुई तो चांदी पर भी ध्यान देने लगे. यानी कई बार निवेश का फैसला घर की सलाह से भी बदल जाता है.

जो चीज खुद इस्तेमाल करें, उसी में पैसा

अभिषेक की सोच थोड़ी अलग भी है. वे कहते हैं कि अगर कोई चीज वे खुद इस्तेमाल करते हैं और उन्हें पसंद है, तो वहीं से दिमाग में आता है कि इसमें पैसा लगाया जा सकता है. कई बार ऐसा हुआ कि उन्होंने कोई प्रोडक्ट चखा, अच्छा लगा, फिर कंपनी से बात की और बाद में उसी में हिस्सेदारी ले ली. एक बार उन्हें खाने के लिए एक सॉस चाहिए था. उन्होंने एक क्विक डिलीवरी ऐप से मंगाया. बाद में सोचा कि मैं इन ऐप्स पर इतना पैसा खर्च करता हूं, क्यों न इनमें ही निवेश करूं और कमाई भी करूं. यानी कई बार ग्राहक से ही निवेशक बनने की शुरुआत हो जाती है.

लेकिन क्या सिर्फ पसंद काफी है ?

जानकार लोग कहते हैं कि जिस चीज को हम समझते हैं, उसमें पैसा लगाने में डर कम लगता है. यह अच्छी शुरुआत है. लेकिन सिर्फ “मुझे यह पसंद है” सोचकर पैसा लगा देना ठीक नहीं. हो सकता है कंपनी का सामान अच्छा हो, लेकिन उसका शेयर पहले से बहुत महंगा हो. या कंपनी पर कर्ज ज्यादा हो. अगर सारा पैसा एक ही तरह की कंपनी में लगा दिया तो नुकसान का खतरा भी बढ़ जाता है.

इसलिए पसंद के साथ-साथ सही जानकारी भी जरूरी है. भारत में ज्यादातर लोग जमीन और सोने को सुरक्षित मानते हैं. यह सही भी है कि ये लंबे समय में काम आते हैं. लेकिन जमीन जल्दी बिकती नहीं, और सोना हर साल आमदनी नहीं देता. अगर पैसा बढ़ाना है तो शेयर, म्यूचुअल फंड जैसे दूसरे विकल्प भी देखने पड़ते हैं. इनमें उतार-चढ़ाव होता है, लेकिन लंबे समय में फायदा भी अच्छा मिल सकता है.

सही रास्ता क्या है ?

सबसे अच्छा तरीका है संतुलन रखना. थोड़ा पैसा सुरक्षित जगह पर, जैसे जमीन या सोना. और थोड़ा पैसा ऐसी जगह पर जहां बढ़ने का मौका ज्यादा हो, जैसे शेयर या फंड. अभिषेक बच्चन की बातों से यही समझ आता है कि घर की सीख जरूरी है, लेकिन समय के साथ नई सोच भी अपनानी चाहिए. निवेश का मतलब सिर्फ पैसा लगाना नहीं है. समझदारी से, सोच-समझकर और संतुलन बनाकर चलना ही असली समझ है.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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