8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है. यह कदम करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव की नींव रखेगा. नवंबर 2025 में इसके गठन के बाद से ही कर्मचारी जगत में भारी उत्साह और अटकलें तेज हैं.
सुझाव देने का आखिरी मौका: 30 अप्रैल 2026
वित्त मंत्रालय ने एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और यूनियनों से सुझाव मांगे हैं. अगर आप भी अपनी बात रखना चाहते हैं, तो 30 अप्रैल 2026 तक का समय है. इन सुझावों के आधार पर ही आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा.
कब तक आएगी रिपोर्ट ?
आयोग को अपनी सिफारिशें फाइनल करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. हालांकि, रिपोर्ट आने में समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके वित्तीय लाभ पिछली तारीख से मिलने की उम्मीद है.
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद ?
विशेषज्ञों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में 20% से 35% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. अनुमान लगाए जा रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रह सकता है. तुलना के लिए देखें तो 6वें वेतन आयोग में लगभग 40% की वृद्धि हुई थी, जबकि 7वें वेतन आयोग में यह करीब 23-25% रही थी और अंतिम आंकड़ा महंगाई दर, टैक्स कलेक्शन और सरकार के बजट (Fiscal Space) पर निर्भर करेगा.
क्या आपको मिलेगा एरियर (Arrears) ?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बढ़ा हुआ पैसा कब से मिलेगा ? एक्सपर्ट्स और सीए मनीष मिश्रा के अनुसार 7वें वेतन आयोग की अवधि 1 जनवरी 2026 को समाप्त मानी जा रही है. भले ही सरकार सिफारिशों को लागू करने में समय ले, लेकिन एरियर 1 जनवरी 2026 से ही जोड़ा जाएगा. यानी आपको पिछले महीनों का बकाया पैसा एक साथ मिलेगा.
7वें vs 8वें वेतन आयोग की तुलना
| 7वां वेतन आयोग (वर्तमान) | 8वां वेतन आयोग (संभावित) | |
| न्यूनतम मूल वेतन | ₹18,000 | ₹21,000 – ₹25,000 (अनुमानित) |
| अधिकतम मूल वेतन | ₹2.5 लाख | ₹3 लाख से अधिक |
| फिटमेंट फैक्टर | 2.57 | 2.8 – 3.0 (चर्चा में) |
| लागू होने की तिथि | 2016 | 1 जनवरी 2026 (बकाया सहित) |
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