8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लंबे समय से उठ रही एक महत्वपूर्ण मांग पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सरकार ने Modified Assured Career Progression (MACP) Scheme के बाद प्रमोशन मिलने पर Salary Fixation से जुड़े मुद्दे को 8th Pay Commission के पास भेज दिया है. इसका मतलब है कि अब इस मामले पर अंतिम नीति 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही तय होगी. ऐसे में लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को इस फैसले के लिए कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है.
क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि यदि किसी कर्मचारी को MACP Scheme के तहत वित्तीय लाभ मिल चुका है और बाद में उसका नियमित प्रमोशन होता है, तो उसे Promotion के समय भी Pay Fixation का लाभ मिलना चाहिए. मौजूदा नियमों के अनुसार ऐसा नहीं होता.
MACP Scheme क्या है?
Modified Assured Career Progression (MACP) Scheme उन कर्मचारियों को फाइनेंशियल अपग्रेडेशन देती है, जिन्हें लंबे समय तक नियमित प्रमोशन नहीं मिल पाता. इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को समय-समय पर वेतन में बढ़ोतरी देना है, भले ही उन्हें पदोन्नति न मिली हो.
कर्मचारियों की मांग क्या है?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि
- MACP केवल वित्तीय लाभ देता है.
- नियमित Promotion के साथ जिम्मेदारियां और कार्यभार बढ़ जाता है.
- इसलिए Promotion मिलने पर भी FR 22(1)(a)(1) के तहत अतिरिक्त Pay Fixation का लाभ मिलना चाहिए.
- केवल पद बदलने से नहीं, बल्कि बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के अनुसार वेतन भी बढ़ना चाहिए.
अभी क्या नियम लागू हैं?
वर्तमान नियमों के अनुसार यदि कर्मचारी को पहले MACP का लाभ मिल चुका है.
उसके बाद नियमित Promotion होता है. तो Promotion पर FR 22(1)(a)(1) के तहत अतिरिक्त वेतन वृद्धि (Additional Increment) नहीं मिलती. यही नियम कर्मचारी संगठनों के विरोध का मुख्य कारण है.
कर्मचारियों ने क्या तर्क दिए?
JCM बैठक में कर्मचारी पक्ष ने कहा कि 6th Pay Commission के दौरान Grade Pay व्यवस्था होने से प्रमोशन पर कुछ वित्तीय लाभ मिल जाता था. 7th Pay Commission में Grade Pay समाप्त होने के बाद यह लाभ लगभग खत्म हो गया. इसलिए वर्तमान Pay Matrix में Promotion के समय कम से कम एक अतिरिक्त Increment दिया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को बढ़ी हुई जिम्मेदारियों का उचित आर्थिक लाभ मिलेगा.
सरकार का क्या जवाब है?
सरकार ने कहा कि व्यक्तिगत मामलों की समीक्षा जरूरत पड़ने पर की जा सकती है. लेकिन MACP के बाद Promotion पर Pay Fixation जैसे बड़े नीतिगत बदलाव का फैसला 8th Pay Commission करेगा. यानी फिलहाल नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
8th Pay Commission में क्या चल रहा है?
8वां वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और अन्य हितधारकों से.
- वेतन
- भत्ते
- पेंशन
- सेवा शर्तों से जुड़े सुझाव और आंकड़े एकत्र कर रहा है.
इन सभी सुझावों की समीक्षा के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा.
क्या अब फैसला और देर से आएगा?
संभावना है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला आने में अभी समय लगे. क्योंकि आयोग पहले सभी पक्षों से सुझाव लेगा. फिर विभिन्न मांगों का अध्ययन करेगा. इसके बाद अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा. ऐसे में MACP के बाद Promotion पर Salary Fixation का मुद्दा जल्द सुलझने की संभावना कम मानी जा रही है.
कर्मचारियों पर इसका क्या असर होगा?
यदि भविष्य में 8th Pay Commission कर्मचारियों की मांग स्वीकार करता है, तो.
- Promotion पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि मिल सकती है.
- Pay Fixation में सुधार होगा.
- लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति दूर हो सकती है.
- प्रमोशन के आर्थिक लाभ बढ़ सकते हैं.
हालांकि फिलहाल यह केवल संभावित स्थिति है. अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा.
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