8th Pay Commission: आने वाले समय में House Rent Allowance (HRA) में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि, यह बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि 8वां वेतन आयोग कौन-सा Fitment Factor तय करता है. फिलहाल आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन कर्मचारी संगठनों की ओर से कई प्रस्ताव दिए गए हैं.
HRA बढ़ने की वजह क्या है?
HRA, कर्मचारी की Basic Pay के आधार पर तय होता है. यानी अगर 8वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो HRA भी अपने आप बढ़ जाएगा.
अभी HRA की दरें इस प्रकार हैं:
- X कैटेगरी शहर: 30%
- Y कैटेगरी शहर: 20%
- Z कैटेगरी शहर: 10%
यानी जिस शहर की कैटेगरी अलग होगी, उसी हिसाब से HRA भी मिलेगा.
किस फिटमेंट फैक्टर पर कितना HRA मिल सकता है?
नीचे दिए गए आंकड़े लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए अनुमानित हैं.
| Fitment Factor | अनुमानित बेसिक पे | X शहर (30%) | Y शहर (20%) | Z शहर (10%) |
| 2.10 | ₹37,800 | ₹11,340 | ₹7,560 | ₹3,780 |
| 2.28 | ₹41,040 | ₹12,310 | ₹8,210 | ₹4,100 |
| 2.57 | ₹46,260 | ₹13,880 | ₹9,250 | ₹4,630 |
ध्यान दें: ये केवल अनुमानित आंकड़े हैं. अंतिम बेसिक पे और HRA 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही तय होंगे.
क्या HRA की दरें भी बढ़ सकती हैं?
सिर्फ बेसिक पे ही नहीं, HRA की प्रतिशत दरों में भी बदलाव की मांग की गई है. All India NPS Employees Federation (AINPSEF) ने सरकार से मांग की है कि HRA को बढ़ाकर:
- X शहर के लिए 36%
- Y शहर के लिए 24%
- Z शहर के लिए 12%
किया जाए. फेडरेशन ने यह सुझाव भी दिया है कि जब भी Dearness Allowance (DA) बढ़े, उसी समय HRA में भी संशोधन किया जाए, ताकि कर्मचारियों को महंगाई के हिसाब से बेहतर राहत मिल सके.
कब आएगा अंतिम फैसला?
फिलहाल 8वें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार नहीं की है. उम्मीद है कि आयोग 2027 के बीच तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है. इसके बाद सरकार रिपोर्ट पर फैसला लेगी और मंजूरी मिलने पर नई सैलरी और HRA लागू किए जाएंगे.
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