मुंबई:अर्थव्यवस्था की खराब हालत के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज अच्छा प्रदर्शन किया. पिछला साल कंपनी के लिए मुश्किल भरा रहा, लेकिन देश के विकास में कंपनी की अहम भूमिका रही है. भारत में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा टैक्स भुगतान करनेवाली कंपनी है. उक्त बातें आरआइएल की 40वीं सालाना बैठक को संबोधित करते हुए बुधवार को आरआइएल के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कही. इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगले तीन साल में अपने पूरे कारोबार में 1.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
कंपनी अपनी बहुप्रतीक्षित 4जी ब्रॉडबैंड सेवा 2015 तक पेश करेगी. इसके लिए 70,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा. अंबानी ने कहा कि कंपनी पेट्रो-रसायन इकाइयों का मुनाफा बढ़ाने, पेट्रोलियम कारोबार के विस्तार, अधिक खुदरा दुकानें खोलने और दूरसंचार कारोबार का बढ़ावा देगी. आरआइएल की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम देश की इकलौती कंपनी है, जिसे 4जी सेवा प्रदान करने की मंजूरी है. इस सेवा का जमीनी आधार पर परीक्षण अगस्त में शुरू होगा और इसका वाणिज्यिक परिचालन 2015 में शुरू होगा. अंबानी ने कहा कि कंपनी अपने पूर्वी अपतटीय गैस-क्षेत्र से उत्पादन बढ़ाने की योजना में लगी है. साथ ही 2015-16 में मध्यप्रदेश में सोहागपुर से कोल-बेड मिथेन का उत्पादन शुरू किया जायेगा.
अंबानी ने कहा कि आरआइएल फिलहाल फाच्यरून की 500 वैश्विक कंपनियों की सूची में 135वें नंबर पर है और वह शीर्ष 50 में शामिल होना चाहती है. इस बीच नीता अंबानी को आज कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया गया. इस मौके पर उनकी मां कोकिला अंबानी, पत्नी नीता अंबानी और उनके बच्चे मौजूद थे.
