एनर्जी संकट के बीच कोल इंडिया का बड़ा कदम, अप्रैल में नीलाम होगा 2.56 करोड़ टन कोयला

Coal India: पश्चिम एशिया संकट के कारण एलएनजी (LNG) और कच्चे तेल की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच, कोल इंडिया अप्रैल में 2.56 करोड़ टन कोयले की ई-नीलामी करेगा. इस कदम से उद्योगों को ईंधन की कमी से बचाने और पारदर्शी तरीके से कोयला उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. साथ ही, अब नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देश भी सीधे इस नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे.

Coal India: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव की वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है. ऐसे में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने कमर कस ली है. कंपनी इस महीने (अप्रैल) में ऑनलाइन नीलामी के जरिए भारी मात्रा में कोयला बाजार में उतारने जा रही है.

क्यों बढ़ी कोयले की मांग?

पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात की वजह से विदेशों से आने वाला तेल (Crude Oil) और गैस (LNG/LPG) न केवल महंगा हो गया है, बल्कि इसकी सप्लाई में भी बाधा आ रही है. इस वजह से भारतीय उद्योगों ने अब अपना ध्यान कोयले की ओर लगाया है. बाहर से कोयला मंगाना भी महंगा पड़ रहा है, इसलिए देश के भीतर उपलब्ध कोयले की मांग बढ़ गई है.

कुल नीलामी

  • कितना कोयला: कोल इंडिया अपनी अलग-अलग सहायक कंपनियों (जैसे MCL, ECL, BCCL आदि) के जरिए कुल 2.56 करोड़ टन कोयला बेचेगी.
  • पिछला रिकॉर्ड: कंपनी ने मार्च में रिकॉर्ड 3.25 करोड़ टन कोयले की नीलामी की थी.

खरीदने की प्रक्रिया हुई आसान

कोल इंडिया ‘सिंगल विंडो’ (SWMA) सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है. पहले अलग-अलग तरह की नीलामियां होती थीं, लेकिन अब सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर है. यह सिस्टम 2022 में शुरू किया गया था ताकि कोयला खरीदना पारदर्शी और आसान हो सके.

पड़ोसी देशों के लिए खुशखबरी

अब बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के खरीदारों को भारतीय कोयला खरीदने के लिए किसी बिचौलिए (Middleman) की जरूरत नहीं होगी. वे सीधे ऑनलाइन नीलामी में हिस्सा ले सकते हैं. इससे भारत के पास मौजूद एक्स्ट्रा कोयले का सही इस्तेमाल होगा और विदेशी मुद्रा भी आएगी.

कंपनियों के अनुसार कोयले का आवंटन

कंपनी का नामकोयले की मात्रा (लाख टन में)
महानदी कोलफील्ड्स (MCL)85
ईस्टर्न कोलफील्ड्स (ECL)47
भारत कोकिंग कोल (BCCL)38
सेंट्रल कोलफील्ड्स (CCL)32
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (SECL)30

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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