नयी दिल्ली : आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए इस साल बजट में करीब तीन गुना अधिक आवंटन की मांग की है. एक आधिकारिक सूत्र ने इसकी जानकारी दी. इस योजना के तहत सरकार की ओर से आवास मंत्रालय को वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में योजना के लिए 6,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था.
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नरेंद्र मोदी सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत केंद्र सरकार का शहरी गरीबों के लिए 1.2 करोड़ आवास बनाने का लक्ष्य है. अभी तक योजना के तहत 37.5 लाख आवास बनाने की मंजूरी मिली है.
सूत्र ने कहा कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन गुना अधिक आवंटन की मांग की है. मंत्रालय ने योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है.
सूत्र ने कहा कि उच्च स्तर पर बातचीत जारी है और मंत्रालय को करीब 17 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. उसने कहा कि वर्ष 2022 तक योजना को पूरा करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने बजट प्रस्ताव में वित्तपोषण पर जोर दिया है.
मंत्रालय निर्माण में बेहतरीन गुणवत्ता को आकर्षित करने के लिए मार्च में ग्लोबल हाउसिंग कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी चैलेंज शुरू करने वाला है.
