छत्तीसगढ़ के बिल्डरों पर नकेल कसना हो जायेगा आसान, सरकार ने शुरू की यह प्रक्रिया...

रायपुर: छत्तीसगढ़ में रियल इस्टेट रेग्यूल्येटरी प्राधिकरण (रेरा) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में रियल इस्टेट रेग्यूल्येटरी प्राधिकरण (रेरा) के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस सिलसिले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में हाल ही […]

रायपुर: छत्तीसगढ़ में रियल इस्टेट रेग्यूल्येटरी प्राधिकरण (रेरा) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में रियल इस्टेट रेग्यूल्येटरी प्राधिकरण (रेरा) के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस सिलसिले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में हाल ही में बिलासपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गयी. बैठक में राज्य सरकार के आवास और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह और विधि विभाग के प्रमुख सचिव रविशंकर शर्मा भी शामिल हुए.

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आवास और पर्यावरण विभाग के सचिव संजय शुक्ला ने शनिवार को यहां बताया कि न्यायमूर्ति दिवाकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि रेरा के अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख सचिव स्तर से ऊपर के अखिल भारतीय सेवाओं और उच्च न्यायिक सेवा के कार्यरत अथवा सेवा निवृत्त अधिकारियों से आवेदन आमंत्रित किये जाये. इसी तरह रेरा में दो सदस्यों के पद के लिए सचिव स्तर के ऊपर के अखिल भारतीय सेवाओं के कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त अधिकारियों से और उच्च न्यायिक सेवाओं के कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त अधिकारियों से आवेदन मंगाये जायें.

बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार रेरा के अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए आवेदन 30 सितंबर, 2017 तक सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को भेजे जा सकेंगे. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आवेदनों को संकलित करके आवास एवं पर्यावरण विभाग को सौंपा जायेगा. शुक्ला ने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रेरा का गठन होने तक कॉलोनाइजरों द्वारा नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में अपना अस्थायी पंजीयन करवाया जा सकेगा. इसके लिए उन्हें नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय को आवेदन देना होगा. इन आवेदनों का परीक्षण करने के बाद उन्हें नियमों के तहत अस्थायी पंजीयन दिया जायेगा.

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