रसोई गैस की किल्लत होगी दूर: रिलायंस ने झोंकी ताकत, अब जामनगर रिफाइनरी से बढ़ेगी LPG की सप्लाई!

LPG Crisis: रिलायंस ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता अभी मुनाफा नहीं, बल्कि देश की सेवा है. गुजरात के जामनगर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग हब में अब LPG (खाना पकाने वाली गैस) का उत्पादन बढ़ाने के लिए काम शुरू हो गया है.

LPG Crisis: दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल (मिडिल-ईस्ट संकट) की वजह से भारत की ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ यानी ईंधन की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और भारत सरकार ने मिलकर एक बड़ा मोर्चा संभाला है ताकि आपके घर के चूल्हे की आग ठंडी न पड़े.

रिलायंस का बड़ा कदम: जामनगर बनेगा ‘पावर हाउस’

रिलायंस ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता अभी मुनाफा नहीं, बल्कि देश की सेवा है. गुजरात के जामनगर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग हब में अब LPG (खाना पकाने वाली गैस) का उत्पादन बढ़ाने के लिए काम शुरू हो गया है. रिलायंस की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि देश में रसोई गैस की कमी न हो और सप्लाई बनी रहे.

सरकार ने भी कसी कमर

हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है. इसके तहत

LPG को प्राथमिकता: सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा रसोई गैस बनाएं.
गैस की कटौती: कुछ बड़े उद्योगों (जैसे फर्टिलाइजर और मैन्युफैक्चरिंग) को दी जाने वाली गैस में थोड़ी कटौती की गई है ताकि घरेलू गैस की सप्लाई 100% बनी रहे.
KG-D6 बेसिन का इस्तेमाल: रिलायंस अपने KG-D6 बेसिन से निकलने वाली नेचुरल गैस को भी उन सेक्टर्स की तरफ मोड़ रहा है जो देश की प्राथमिकता में हैं.

होर्डिंग (कालाबाजारी) पर लगाम

गैस की किल्लत की अफवाह उड़ाकर लोग सिलेंडर जमा न करने लगें, इसके लिए सरकार ने एक नया नियम बनाया है. अब दो गैस सिलेंडर बुक करने के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर (Inter-booking period) रखना होगा. इससे कालाबाजारी रुकेगी और जरूरतमंदों को गैस आसानी से मिल पाएगी.

रिलायंस का वादा: ‘देश पहले’

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा कि “हमारे लिए भारत की ऊर्जा सुरक्षा और करोड़ों भारतीय परिवारों की भलाई सबसे ऊपर है. वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में रिलायंस देश के साथ मजबूती से खड़ा है.”

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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