प्रशांत किशोर के सभी आरोप राजनीतिक, आधारहीन और तथ्यहीन, पीके पर बरसे मंगल पांडेय

Prashant Kishor: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने प्रशांत किशोर के आरोपों को राजनीतिक और तथ्यहीन बताया है. उन्होंने कहा कि मोदी को दुनिया भर में सम्मान मिला है और यह ताकत जनता ने दी है.

Prashant Kishor: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पर हमला बोला. कैमूर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर के हालिया बयान पूरी तरह राजनीतिक हैं. इनमें न तो कोई आधार है और न ही कोई तथ्य. बस लोगों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है. मंगल पांडेय ने कहा कि प्रशांत किशोर सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं.

चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज

प्रशांत किशोर ने हाल ही में मोदी सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाए थे. इस पर पहले भी बिहार भाजपा के नेता प्रतिक्रिया दे चुके हैं. अब स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी पलटवार किया है. बिहार में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसी को लेकर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. प्रशांत किशोर कुछ दिनों के अंतराल पर बीजेपी, जदयू और राजद नेता पर खुलासा करने का दावा करते हैं.

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क्या बोले थे पीके

प्रशांत किशोर ने बीते शुक्रवार को दावा किया था, “मंगल पांडेय की पत्नी उर्मिला पांडेय के अकाउंट में 2 करोड़ 12 लाख रुपए साल 2019-20 के दौरान जमा हुआ, ये बताएं कि अगर आपके पास इतना पैसा था तो दिलीप जायसवाल से कर्ज क्यों लिए? मंगल पांडेय ने कहा था कि उन्होंने दिल्ली में फ्लैट खरीदने के लिए अपने पिताजी से 25 लाख का कर्ज लिया था. हमारा सवाल है कि फिर आपकी पत्नी के अकाउंट में यह रकम कैसे आ गई? कहीं से आई भी तो आपने इसे घोषित क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि मंगल पांडे अगर इसका जवाब नहीं देते हैं तो हम बतायेंगे कि किस किस अकाउंट से यह रुपये ट्रांसफर किए गए हैं.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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