लालू के तेवर तल्ख, बिना सीट बंटवारे के बांट दी आधी दर्जन से ज्यादा सीट, महागबंधन को दिया संदेश

Mahagathbandhan Seat Sharing: लैंड फॉर जॉब मामले में पेशी बाद लालू यादव पटना लौट चुके हैं. बिहार लौटते ही उन्होंने राजद उम्मीदवारों को टिकट बांटना शुरू कर दिया है. सोमवार शाम को उन्होंने 2 और राजद उम्मीदवारों को सिंबल दे दिया.

Mahagathbandhan Seat Sharing: बिहार विधानसभा के चुनावों के एलान के 7 दिन बीत चुके हैं लेकिन महगठबंधन में अब तक सीटों का बंटवारा नहीं हो सका है. बैठक पर बैठक का दौर जारी है मगर कांग्रेस और दूसरी पार्टियां सीटों पर सहमति नहीं बना पा रही हैं. ऐसे में नाराज लालू प्रसाद यादव ने अपना दम दिखाना शुरू कर दिया है. आज दिल्‍ली से लौटकर लालू प्रसाद यादव ने बिना सीट बंटवारे के ही सिंबल का बंटवारा करना शुरू कर दिया है.

महागठबंधन में खत्म नहीं हो रहा बैठकों का दौर

सोमवार (13 अक्टूबर) को भी कांग्रेस की ओर से सीट बंटवारे को बैठक चल रही है. इस बीच लालू प्रसाद यादव ने अपने तेवल तल्‍ख करते हुए सिंबल बांटना शुरू कर दिया. यानी लालू का संदेश साफ है कि सीटों का बंटवारा जल्द करो. ऐसे में यदि कांग्रेस सीटों पर जल्‍द फैसला नहीं लेती तो लालू अपने आवास पर बैठे-बैठे सारे सिंबल बांट देंगे.

गौर करने वाली बात ये है कि लालू प्रसाद यादव ने बीते तीन दिनों में छह सीटें बांट कर कांग्रेस को चेता दिया है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का संदेश साफ है, सीट बंटवारे पर सहमति जल्‍द बनाओ वर्ना स‍हमति बने बिना सीट बांट दी जाएंगी.

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सीपीआई नेता ने राजद-कांग्रेस से की खास अपील

सीट बंटवारे में हो रही देरी से महागठबंधन में शामिल दल के नेता काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं. सीपीआई नेता रामनरेश पांडेय ने कहा है कि चुनाव एलान के 7 दिन बाद भी सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने के कारण वर्कर्स काफी निराश हैं.

रामनरेश पांडेय ने कहा कि कांग्रेस और राजद को बड़ा दिल दिखाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी पार्टियों को हमेशा छोटी पार्टियों को सम्मानजनक सीट देना चाहिए.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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