Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का रण इस बार सिर्फ पारंपरिक राजनीतिक गठबंधनों तक सीमित नहीं है. इस बार असली और निर्णायक जंग Gen-Z वोटरों के दिल जीतने की है. 18 से 29 वर्ष के ये युवा मतदाता, जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक चेतना विकसित की है अब EVM का बटन दबाकर बिहार के भविष्य को नई दिशा देने की तैयारी में हैं.
चुनाव आयोग (EC) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल मतदाताओं में लगभग 25% हिस्सा युवा वोटरों का है. यानी, हर चौथा वोट नई पीढ़ी, या कहें जेन-जी का होगा. यह आँकड़ा राजनीतिक दलों को अपनी पूरी रणनीति ‘फर्स्ट टाइम वोटर्स’ को लक्षित करने के लिए मजबूर कर रहा है.
कितने प्रतिशत जेन-जी वोटरों का रहा योगदान
- बेगूसराय 25.16% (सर्वाधिक)
- मधेपुरा 24.66%
- खगड़िया 24.29%
- पटना 18.45% (सबसे कम)
आयोग का मत है कि पटना जैसे शहरी क्षेत्रों में भले ही संख्या प्रतिशत में कम हो, लेकिन ये डिजिटल रूप से अत्यधिक मुखर युवा अपने विचारों के ज़रिए चुनावी हवा को पलटने की क्षमता रखते हैं.
जाति-धर्म नहीं, रोजगार और पारदर्शिता मुख्य मुद्दा
यह युवा वर्ग न तो अपनी पारंपरिक जातिगत पहचान से बंधा है और न ही धर्म की राजनीति से प्रभावित है. जेन-जी के लिए चुनाव में रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, इंटरनेट कनेक्टिविटी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता जैसे मुद्दे सबसे अधिक अहम हैं.
यही कारण है कि राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रचार में बड़ा बदलाव किया है. कॉलेज परिसरों, विश्वविद्यालय कार्यक्रमों के साथ-साथ रील्स, पोस्ट्स और ट्वीट्स के ज़रिए युवाओं के मुद्दों को सीधे उन तक पहुँचाया जा रहा है. मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जैसे जिलों में, जहाँ युवा वोट शेयर 21 से 24 फीसद के बीच है, वहाँ सोशल मीडिया कैंपेन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है.
दरभंगा का समीकरण और 62 हज़ार नए मतदाता
दरभंगा में इस बार 18-19 साल के 62,127 नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. यहां की 10 सीटों पर NDA और महागठबंधन के बीच कड़ा संघर्ष है. 2020 में NDA ने यहाँ नौ सीटें जीती थीं, लेकिन युवाओं की यह नई टुकड़ी इस बार समीकरण बदल सकती है. ये वोटर अब परंपरा की जगह मुद्दों पर आधारित मतदान के लिए तैयार हैं.
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