Chirag Paswan: फिर ओवर कॉंफिडेंट हुए चिराग? youth विंग स्टेट प्रेसिडेंट ने दिए संकेत, अकेले लड़ने की हिम्मत है

Chirag Paswan: बिहार चुनाव की घोषणा के बाद भी NDA में सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है. इसके पीछे की वजह चिराग पासवान की डिमांड है. सोमवार को बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की लेकिन बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला. इसी बीच लोजपा (आर) के यूथ विंग के स्टेट प्रेसिडेंट वेद प्रकाश पांडे ने X पर पोस्ट किया है, जिसके बाद से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.

Chirag Paswan: पीएम नरेंद्र मोदी के हनुमान यानी चिराग पासवान एक बार फिर से ओवर कॉन्फिडेंट होते दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि चिराग पासवान की पार्टी के यूथ विंग के स्टेट प्रेसिडेंट की ओर से एक महत्वपूर्ण पोस्ट किया गया है. यह पोस्ट चिराग की मंशा को जाहिर करता है.

पोस्ट में क्या लिखा गया

पोस्ट में पार्टी के यूथ विंग के अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे यह बताते नजर आ रहे हैं कि बिहार की दिशा और दशा चिराग फैक्टर तय करता है. इस बात को प्रमाणित करने के लिए उन्होंने यह बात भी बताई कि उनके पास हंड्रेड परसेंट स्ट्राइक रेट है. इस आधार पर वह अकेले चुनाव लड़ सकते हैं.

इस पोस्ट में यह भी दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अकेले 137 सीटों पर लड़कर 6 फीसदी से अधिक वोट लेकर आए थे. इस लिहाज से अगर 243 सीट पर लड़े होते हाल कुछ और होता. इस पोस्ट में लिखा गया, “हमारे नेता चिराग पासवान के नीतियों के साथ बिहार का जनमानस बुलंदी से खड़ा होता.” ऐसे में यह माना जा रहा है कि चिराग पासवान ओवर कॉंफिडेंट होते नजर आ रहे हैं.

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चिराग पासवान की डिमांड क्या है

NDA में सीट बंटवारे को लेकर मचे घमासान के पीछे की वजह चिराग बताए जा रहे हैं. उन्होंने ने 30 से अधिक सीटों की मांग रखी है लेकिन बीजेपी 25 से अधिक देने को राजी नहीं है. लिहाजा मंगलवार को दिल्ली में विनोद तावड़े, मंगल पांडेय और धर्मेन्द्र प्रधान के साथ हुई उनकी बैठक बेनतीजा रही. 40 मिनट चली इस बैठक में चिराग अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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