Bihar Elections 2025: बिहार के इस बाहुबली नेता के पास कानून की डिग्री, अपराध और राजनीति में बड़ा नाम, अब बेटे को दी जिम्मेदारी

Bihar Elections 2025: बिहार के बाहुबली नेता सुनील पांडे चार बार विधायक रह चुके हैं. अपराध के साथ राजनीति में भी उनकी धमक दिखी. खास बात यह है कि वे पढ़ाई में भी कभी पीछे नहीं रहे. सुनील पांडे पीएचडी होल्डर हैं और उनके पास कानून की डिग्री भी है. राजनीति से संन्यास लेने के बाद उन्होंने अब जिम्मेदारी अपने बेटे को सौंप दी है. बेटे विशाल प्रशांत तरारी सीट से इस बार चुनावी मैदान में हैं.

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कई बाहुबली नेताओं के बेटे-बटियां इस बार चुनावी मैदान में हैं. उन्हीं में से एक हैं भोजपुर के बाहुबली नेता कहे जाने वाले सुनील पांडे, जिनके बेटे विशाल प्रशांत बीजेपी के टिकट पर तरारी सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं. बाहुबली नेता सुनील पांडे की बात करें तो, राजनीति के साथ-साथ अपराध की दुनिया में भी उनका बड़ा नाम है.

अपराध और राजनीति में बड़ा नाम

सुनील पांडे चार बार विधायक रह चुके हैं. राजनीत में उन्होंने एक खास जगह बनाई है. हालांकि, एक समय ऐसा भी था जब उन्हें पुलिस से छिपकर रहना पड़ता था. अब सुनील पांडे राजनीति से संन्यास ले चुके हैं. जिसके बाद उन्होंने जिम्मेदारी अपने बेटे विशाल प्रशांत को सौंप दी है.

पीएचडी की डिग्री और कानून की पढ़ाई भी

जानकारी के मुताबिक, सुनील पांडे रोहतास जिले में जन्मे और उनके पिता का नाम कामेश्वर पांडे था. पिता एक ठेकेदार थे. सुनील पांडे ने शुरुआत में रोहतास से ही अपनी पढ़ाई की. इसके बाद बेंगलुरु में इंजीनियरिंग किया. बीच में उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ी भी. लेकिन, बाद में उन्होंने अररा की स्थानीय यूनिवर्सिटी से एमए और फिर पीएचडी की डिग्री ली. खास बात तो यह है कि उन्होंने कानून की भी पढ़ाई की. वे पढ़ाई में काफी तेज थे.

सुनील पांडे ने सात बार बदली पार्टी

पहली बार सुनील पांडे की पहचान उस वक्त हुई जब उन्हें अपने रूममेट शिलु मियां की हत्या के आरोप में पकड़ा गया. कहा जाता है कि इस चर्चा का फायदा उठाकर उन्होंने राजनीतिक दुनिया में कदम रखा था. समता पार्टी ने उन्हें पिरो विधानसभा से उम्मीदवार बनाया और वे जीते भी थे. हालांकि, इसके बाद सुनील पांडे जेडीयू, एलजेपी के अलावा कई दलों में शामिल हुए. लगभग सात बार उन्होंने अपनी पार्टी बदली.

अपराध की दुनिया में बड़ा नाम

बाहुबली सुनील पांडे पर मर्डर, किडनैपिंग और जबरन वसूली जैसे कई मामलों के आरोप लगे. उनका नाम रणवीर सेना से भी जुड़ा. वे सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया के करीबी माने जाते थे, लेकिन उनके एक रिश्तेदार की हत्या के बाद दोनों आमने-सामने आ गए. इसके साथ कई बार अपराध को लेकर उनका नाम सामने आया.

अब जिम्मेदारी विशाल प्रशांत को सौंपी

साथ ही राजनीति में भी उन्होंने खास धमक दिखाई. चार बार वे विधायक रहें. हालांकि, अब उन्होंने संन्यास ले लिया. उनके बेटे विशाल प्रशांत 2024 में ही तरारी सीट से उपचुनाव जीते थे. जिसके बाद अब 2025 के विधानसभा चुनाव में भी तरारी सीट से ही उम्मीदवार बने. ऐसे में अब सुनील पांडे की जिम्मेदारी विशाल प्रशांत के हाथों में है. देखना होगा कि अब विशाल प्रशांत राजनीत में कितना नाम कमा पाते हैं.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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