Bihar CM: भव्य शपथ ग्रहण की तैयारी, 4 दिन पटना के गांधी मैदान में आने-जाने पर रोक

Bihar CM Shapath Grahan: बिहार में नई सरकार कब शपथ लेगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है. लेकिन 17 से 20 नवंबर तक पटना के गांधी मैदान में आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि शपथ ग्रहण इन्हीं दिनों में होने की संभावना है.

Bihar CM Shapath Grahan: नीतीश कुमार के घर पर एनडीए के नेताओं की लगातार बैठकें चल रही हैं. सभी दलों के नेता पहुंचकर नई सरकार के गठन का फार्मूला तय कर रहे हैं. इसी बीच नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों ने भी रफ्तार पकड़ ली है. पटना का गांधी मैदान फिलहाल पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में है और 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई अव्यवस्था न हो. माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण का आयोजन 20 नवंबर को किया जा सकता है.

प्रशासन का आदेश

अंदर जाने पर रोक

गांधी मैदान में बड़े स्तर पर काम चल रहा है. टेंट, गेट, मंच और बैरिकेडिंग तेजी से बनाई जा रही है. वीवीआईपी आगमन, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और मीडिया कवरेज के लिए अलग से प्लान तैयार किया जा रहा है. इस दौरान सुबह-शाम टहलने वाले लोग, दुकानदार और आसपास के रहने वाले भी मैदान के अंदर नहीं जा पाएंगे.

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डीएम और एसएसपी ने की अपील

शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य होने की उम्मीद है. इसमें राज्य के साथ-साथ देशभर के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं. पीएम मोदी के शामिल होने की संभावना है. डीएम और एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि वे कुछ दिनों तक गांधी मैदान के आसपास जाने से बचें और प्रशासन का सहयोग करें.

एनडीए इस आयोजन को अपनी शक्ति प्रदर्शन का मौका भी बना रहा है. भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और गठबंधन के प्रमुख नेता भी बुलाए जाएंगे. शीर्ष नेताओं की भारी मौजूदगी के कारण यह कार्यक्रम और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है. सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और प्रशासन पूरी तैयारी के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटा है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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