Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव में जदयू खेलेगी बड़ा दाव, इतने प्रतिशत युवाओं को मिल सकता है मौका

Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जदयू टिकट वितरण में बड़े बदलाव की तैयारी में है. पार्टी 10% नए और युवा चेहरों को मौका दे सकती है, जबकि कुछ मौजूदा विधायकों का टिकट कट सकता है. जातीय गणना और सामाजिक समीकरण के आधार पर उम्मीदवार चयन की रणनीति बनाई जा रही है.

Bihar Chunav 2025, कृष्ण कुमार, पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उम्मीदवार उतारने के लिए जदयू में मंथन का दौर जारी है. एक बात तो पक्की है कि पार्टी इस बार 10 फीसदी नये व युवा चेहरों को चुनाव में उतार सकती है. इसके साथ ही कुछ सीटिंग विधायकों का पत्ता कट सकता है. उनकी जगह पार्टी अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारी का अवसर दे सकती है. बहरहाल 2020 के विधानसभा चुनाव परिणामों से सीख लेते हुए बहुत सावधानी से तैयारी की जा रही है. इसमें मगध क्षेत्र पर विशेष नजर है.

रणनीति में बदलाव

सूत्रों के अनुसार 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे के बाद जदयू को 122 सीटें मिली थीं. इनमें से अपने कोटे से सात सीटें हम को देने के बाद जदयू ने 115 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा था. उनमें से केवल 43 सीटों पर जीत मिली थी. ऐसे में पार्टी उम्मीदवारों की 72 सीटों पर हार हुई थी.

इस बार के विधानसभा चुनाव को लेकर सूत्रों का कहना है कि एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे में जदयू को मिली पुरानी सीटों में इस बार कुछ बदलाव हो सकता है. इसके बावजूद जदयू अपनी पुरानी 115 सीटों पर बेहतर तैयारी कर रही है. साथ ही 2020 के टिकट बंटवारे में अपनायी गयी रणनीति में थोड़ा परिवर्तन किया जा सकता है.

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जातीय गणना को ध्यान में रख कर उतारे जा सकते हैं उम्मीदवार

सूत्रों की मानें, तो राज्य सरकार द्वारा करवायी गयी जातीय गणना के आंकड़ों और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए आबादी के अनुसार उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं. इसमें सबसे अधिक अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को टिकट दिया जा सकता है. इस वर्ग को करीब 40 से 50 फीसदी सीटें दी जा सकती हैं.

2020 के चुनाव में भी पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के करीब 50 फीसदी उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था. वहीं, सामान्य वर्ग के करीब 16 फीसदी उम्मीदवार मैदान में उतारे गये थे. वहीं, करीब 14 फीसदी उम्मीदवार अनुसूचित जाति वर्ग से उतारे गये थे.

पार्टी इसको ध्यान में रखते हुए राजद के माइ समीकरण को ध्वस्त करने की भी रणनीति पर काम करेगी. साथ ही महिलाओं को भी जदयू अच्छी संख्या में उम्मीदवार बना सकता है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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