भारत सरकार ने क्यों लगायी लैपटॉप-टैबलेट के आयात पर रोक? ये रही वजह

Laptops and Tablets Import Ban Reason - ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपकरणों का सुरक्षित होना बुनियादी जरूरत है. सरकार ने भारत और यहां के लोगों के सुरक्षा हितों को सुरक्षित रखने के इरादे से लैपटॉप, टैबलेट एवं पीसी के आयात के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया है.

Why Government of India Ban Import of Laptops and Tablets : सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) के आयात के लिए लाइसेंस जरूरी करने का कदम इन विदेशी उपकरणों में सुरक्षा संबंधी खामियों से लैस आईटी हार्डवेयर से सुरक्षित रखने के इरादे से उठाया है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने कहा कि देश के भीतर इन कंप्यूटर उपकरणों के विनिर्माण की पर्याप्त क्षमता होने से लैपटॉप, टैबलेट और ऑल-इन-वन पीसी के आयात के लिए लाइसेंस जरूरी करने का घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने यह कदम सभी उपयोगकर्ताओं के लिए देश में ‘मुक्त, सुरक्षित, विश्वस्त एवं जवाबदेह’ इंटरनेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के इरादे से उठाया है. इंटरनेट का प्रसार होने से अधिक संख्या में भारतीय नागरिक ऑनलाइन मंच पर आ रहे हैं लिहाजा उनके लिए साइबर जोखिम भी बढ़ गया है. ऐसी स्थिति में हार्डवेयर के बैकडोर और आईटी हार्डवेयर में सुरक्षा के लिए खतरनाक मालवेयर जैसी सुरक्षा खामियों वाले लैपटॉप एवं टैबलेट का इस्तेमाल करना उपयोगकर्ताओं की संवेदनशील निजी एवं कारोबारी जानकारी को खतरे में डाल सकता है.

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ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपकरणों का सुरक्षित होना बुनियादी जरूरत है. सूत्रों ने कहा कि सरकार ने भारत और यहां के लोगों के सुरक्षा हितों को सुरक्षित रखने के इरादे से लैपटॉप, टैबलेट एवं पीसी के आयात के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया है. इसके साथ ही सूत्रों ने कहा कि यह इन उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध नहीं है और कोई भी कंपनी या कारोबारी विदेश व्यापार महानिदेशालय से लाइसेंस लेकर इनका आयात कर सकता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने हाल ही में इन उपकरणों के आयात के लिए लाइसेंस को जरूरी कर दिया था. यह कदम उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से इन उपकरणों के हार्डवेयर में मौजूद खामियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. आईटी मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि लाइसेंस के आधार पर आयात की मंजूरी देने से केंद्र सरकार इसपर नजर रख पाएगी कि भारत में किस देश में निर्मित लैपटॉप एवं टैबलेट आ रहे हैं. इससे सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान करने में मदद मिलेगी.

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वाणिज्य मंत्रालय ने 3 अगस्त को एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर के आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में लिखा गया है कि प्रतिबंधित आयात के लिए वैध लाइसेंस के तहत आयात की अनुमति दी जाएगी. नोटिफिकेशन में कहा गया है, HSN 8741 के तहत आने वाले लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर और अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर का आयात प्रतिबंधित होगा और उनके आयात को प्रतिबंधित आयात के लिए वैध लाइसेंस के खिलाफ अनुमति दी जाएगी.

सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर (यूएसएफएफ) कंप्यूटर और सर्वेर के आयात पर अंकुश लगा दिया है. आयात अंकुश तत्काल प्रभाव से लागू है. किसी उत्पाद के आयात को अंकुश की श्रेणी में डालने का मतलब है कि उनके आयात के लिए लाइसेंस या सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी. इस कदम का मकसद चीन जैसे देशों से आयात घटाना है.

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विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में कहा कि शोध एवं विकास, परीक्षण, बेंचमार्किंग और मूल्यांकन, मरम्मत और वापसी तथा उत्पाद विकास के उद्देश्य से प्रति खेप अब 20 वस्तुओं तक आयात लाइसेंस की छूट रहेगी. पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, अधिसूचना में कहा गया है, लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर के आयात को तत्काल प्रभाव से अंकुश की श्रेणी में डाल दिया गया है.

हालांकि, एक लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, या अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर के आयात के लिए आयात लाइसेंस आवश्यकताओं से छूट प्रदान की जाती है, जिसमें ई-कॉमर्स पोर्टल से पोस्ट या कूरियर के माध्यम से खरीदे गए कंप्यूटर भी शामिल हैं. यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब सरकार मेक इन इंडिया पर जोर दे रही है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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