अगर आपने कभी अपनी बाइक के टायरों को ध्यान से देखा होगा, तो एक बात जरूर नोटिस की होगी. फ्रंट टायर हमेशा रियर टायर के मुकाबले पतला होता है. लेकिन सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ स्टाइलिंग के लिए होता है? बिल्कुल नहीं. दरअसल, बाइक के फ्रंट और रियर व्हील अलग-अलग रोल प्ले करते हैं. फ्रंट टायर का काम सटीक स्टीयरिंग और बेहतर ब्रेकिंग कंट्रोल देना होता है. वहीं रियर टायर इंजन की पूरी पावर सड़क तक पहुंचाता है और बेहतर ग्रिप के साथ एक्सेलेरेशन में मदद करता है. आइए इसे डिटेल में जानते हैं.
रियर टायर चौड़ा क्यों होता है?
बाइक का ज्यादातर वजन पिछले पहिए पर आता है और इंजन की पूरी ताकत भी इसी पहिए तक पहुंचती है. ऐसे में चौड़ा रियर टायर सड़क से बेहतर पकड़ (ग्रिप) बनाता है. इससे पावर आसानी से सड़क पर ट्रांसफर होती है और टायर के फिसलने के चांस कम हो जाते हैं. इतना ही नहीं, फास्ट एक्सीलरेशन के दौरान भी यह बाइक को ज्यादा स्टेबल बनाए रखता है. यही कारण है कि स्पोर्ट्स और हाई-परफॉर्मेंस बाइक्स में आपको हमेशा काफी चौड़े रियर टायर देखने को मिलते हैं. वहीं कम्यूटर बाइक्स में थोड़े पतले टायर दिए जाते हैं.
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फ्रंट टायर पतला क्यों होता है?
फ्रंट टायर का काम रियर टायर से बिल्कुल अलग होता है. इसे जानबूझकर थोड़ा पतला और अक्सर थोड़ा ऊंचे प्रोफाइल के साथ बनाया जाता है, ताकि बाइक की स्टीयरिंग हल्की और ज्यादा रिस्पॉन्सिव रहे. यही वजह है कि कई एडवेंचर और टूरिंग बाइक्स में 19-इंच का फ्रंट टायर और 17-इंच का रियर टायर देखने को मिलता है.
ऊंचा और पतला फ्रंट टायर गड्ढों और कच्ची सड़कों वाले रास्तों पर आसानी से रोल करता है. वहीं चौड़ा रियर टायर इंजन की पावर को बेहतर ग्रिप के साथ सड़क तक पहुंचाता है. इतना ही नहीं, चलती हुई बाइक में फ्रंट टायर का जायरोस्कोपिक इफेक्ट स्टीयरिंग को कंट्रोल करने में बड़ा रोल प्ले करता है.
टायर का ट्रेड डिजाइन भी होता है जरूरी
सिर्फ टायर का साइज ही नहीं, उसका ट्रेड डिजाइन भी बाइक की परफॉर्मेंस में बड़ा रोल निभाता है. दरअसल, बाइक की 70 से 80 परसेंट ब्रेकिंग फ्रंट ब्रेक से होती है. इसलिए फ्रंट टायर को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि हार्ड ब्रेकिंग और बारिश में भी बेहतर ग्रिप मिले. वहीं, रियर टायर में आमतौर पर ज्यादा गहरे ग्रूव्स दिए जाते हैं, ताकि एक्सेलरेशन के समय सड़क पर मजबूत पकड़ बनी रहे.
दूसरी तरफ, फ्रंट टायर का ट्रेड पैटर्न सटीक स्टीयरिंग और पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद करता है. यही वजह है कि अगर आप बाइक में गलत साइज या आपस में मेल न खाने वाले टायर लगवा देते हैं, तो भले ही वे फिट हो जाएं, लेकिन बाइक की हैंडलिंग, बैलेंस और ब्रेकिंग पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
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