Twitter, FB, Insta के बाद अब Gmail पर भी मिलेगा ब्लू टिक, जानिए इसके फायदे

Gmail Blue Tick: Google ने इस फीचर को रोलआउट कर दिया है और गूगल वर्कस्पेस, जी सूट बेसिक और बिजनेस के सभी सब्सक्राइबर्स के लिए यह उपलब्ध है. इसके साथ ही, पर्सनल Google अकाउंट होल्डर्स को भी यह सर्विस दी जा रही है.

Google Blue Tick: ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम के बाद अब गूगल भी अपने यूजर्स को ब्लू टिक देगी. इससे यूजर को आनेवाले मेल को लेकर इस बात को आसानी से पहचान हो सकेगी कि मेल किसी सही यूजर ने सेंड किया है न कि किसी फ्रॉड मेल आईडी से वह आया है. इससे लोगों को धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा.

Google ने इस फीचर को रोलआउट कर दिया है और गूगल वर्कस्पेस, जी सूट बेसिक और बिजनेस के सभी सब्सक्राइबर्स के लिए यह उपलब्ध है. इसके साथ ही, पर्सनल Google अकाउंट होल्डर्स को भी यह सर्विस दी जा रही है.

इसका फायदा वे कंपनियां उठा सकती हैं, जिन्‍होंने ब्रांड इंडीकेटर्स फॉर मैसेज आईडेंटिफिकेशन (BIMI) फीचर ले रखा है. इस फीचर का इस्‍तेमाल कर रही कंपनियों को खुद ही यह टिक मिल जाएगा. जीमेल की तरफ से शुरुआत में मशहूर कंपनियों को ब्लू टिक मार्क दिया जाएगा.

अपने ब्लू टिक के बारे में गूगल ने बताया है कि ईमेल का सॉलिड वेरीफिकेशन उपभोक्ताओं और ईमेल सिक्योरिटी सिस्टम को स्पैम की पहचान करने और उन्हें रोकने में मदद करता है.

गूगल ब्लू टिक इसके साथ ही ईमेल भेजनेवालों को अपना ब्रांड ट्रस्ट बढ़ाने का मौका देता है. यह ईमेल के सोर्स में विश्वास बढ़ाता है और सबके लिए बेहतर ईमेल ईकोसिस्टम तैयार करता है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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