आधा भारत नहीं जानता कार की सैक्रिफाइस टेक्नोलॉजी, खुद टूटकर सवारी की जान बचा लेती है गाड़ी

Car Sacrifice Point Safety: कार के सैक्रिफाइस पॉइंट्स कैसे टक्कर में खुद टूटकर आपकी जान बचाते हैं? जानें क्रैश बॉक्स, क्रश जोन और सेफ्टी डिजाइन का पूरा सच

Car Sacrifice Point Safety: सड़क दुर्घटना में जब गाड़ी का अगला हिस्सा चकनाचूर दिखता है, लोग तुरंत कहते हैं- कंपनी ने कमजोर बॉडी बनायी है. लेकिन असलियत इससे उलट है. आधुनिक गाड़ियों में ऐसे खास Sacrifice Points (सैक्रिफाइस पॉइंट) बनाये जाते हैं, जो खुद टूटकर ड्राइवर और यात्रियों की जान बचाते हैं. यही टेक्नोलॉजी आज कार सेफ्टी की रीढ़ है.

क्या होते हैं Sacrifice Points?

ये गाड़ी के ऐसे हिस्से होते हैं, जो टक्कर का पूरा झटका अपने ऊपर ले लेते हैं, ताकि इंजन-कैबिन, डैशबोर्ड या स्टीयरिंग तक सीधी टक्कर न पहुंचे. इनका काम होता है:

  • झटका पहले इन्हीं हिस्सों को लगे
  • कैबिन तक इम्पैक्ट न पहुंचे
  • इंसान के शरीर पर सीधी मार न पड़े

कंपनी गाड़ी को इस सोच के साथ डिजाइन करती है- पहले कार टूटेगी, पर इंसान नहीं टूटेगा.

गाड़ी का कमजोर हिस्सा ही मजबूत क्यों माना जाता है?

अगर वही झटका सीधा छाती, गर्दन, सिर, रीढ़ तक पहुंच जाए, तो गंभीर चोटें हो सकती हैं. इसलिए इन्हें बहुत नियंत्रित तरीके से कमजोर बनाया जाता है ताकि वे झटके को एब्जॉर्ब करें, फोल्ड हों और इम्पैक्ट को फैलाकर आगे न बढ़ने दें. इन्हें कमजोर बनाना ही सेफ्टी स्ट्रक्चर का सबसे बड़ा विज्ञान है.

गाड़ी में Sacrifice Points कहां-कहां होते हैं?

गाड़ी में कई ऐसे सीक्रेट सेफ्टी जोन छिपे होते हैं:

  • इंजन साइड क्रश जोन- यह 60% इम्पैक्ट खुद ही निगल लेते हैं
  • बंपर के पीछे क्रैश बॉक्स- छोटे मेटल बॉक्स जो टूटकर झटका सह लेते हैं
  • बोनट के नीचे फोल्डिंग जोन- टक्कर में V शेप में मुड़कर शीशा टूटने से रोकते हैं
  • रियर चेसिस इम्पैक्ट चैनल- पीछे से इम्पैक्ट फैलाते हैं
  • साइड डोर क्रश बीम- साइड हिट में कमर और कंधे तक झटका नहीं जाने देते.

कार टूटे तो गुस्सा नहीं, तारीफ करें (Car Sacrifice Point Safety)

आम लोग टूटे बंपर, मुड़ाबोनट देखकर गलत समझ लेते हैं कि कार कमजोर है. जबकि सच्चाई यह है कि आपकी कार ने जान बचाने के लिए खुद को कुर्बान किया है. यही कारण है कि सस्ती-महंगी कार का असली फर्क सेफ्टी इंजीनियरिंग से पता चलता है. रिपेयर के समय इन Sacrifice Points को वेल्ड कराना खतरनाक है, क्योंकि उनका कमजोर रहना ही आपकी सुरक्षा का आधार है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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