उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के काफलिखान गांव के एक इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने स्टार्टअप हैपिडा स्काइड (HAPIDA SKYNeX) के तहत विकसित एक सीट वाले इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप का परीक्षण किया है. हैपिडा स्काईनेक्स नाम वाली यही मशीन मोडीफाइड टेक्निक पर बेस्ड है और सोशल मीडिया पर इसकी पहली उड़ान का वीडियो आने के बाद से ही चर्चा शुरू हो गई है. आइए इस उड़ने वाली कार के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में विस्तार से जानकारी देते हैं.
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स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फ्लाइंग कार को बनाने वाले तामता का कहना है कि मेरे अंदर यह आइडिया पहाड़ों में रहने वाले कई लोगों की एक आम समस्या के बाद आया है. उनके गांव से घर तक के बीच लगभग 40 किलोमीटर की सड़क यात्रा में करीब डेढ़ घंटे यानि 90 मिनट का समय लग जाता है. ऐसे में उनके इस आइडिया से इतनी ही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय की जा सकती है.
अल्मोड़ा के खुले मैदान में इस फ्लाइंग कार का सफल टेस्ट किया गया, जिसमें टम्टा और उसकी टीम ने अर्ली एवोल्यूशन किया. वे कई सालों की मेहनत और एक्सपेरीमेंट्स के बाद ऐसा करने में सफल हुए, जिसने मौजूदा ड्रोन टेक्निक को डेवलप करके एक व्यक्ति को ले जाने में कैपेबल शामिल है.
रवि टम्टा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उनके लिए यह बहुत बड़ा दिन है. हैपिडा स्काईनेक्स की पहली सबसे सफल उड़ान लंबे समय के एक्सपेरीमेंट्स, मेहनत और लगातार किए गए प्रयासों का रिजल्ट है. इसके लिए कई स्तरों पर प्रयोग किए गए और तकनीक को बेहतर बनाने के बाद इस प्रोटोटाइप को तैयार किया गया.
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इलेक्ट्रिक पावरट्रेन और डिजाइन
HAPIDA SKYNeX को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में डिजाइन किया गया है. हालांकि, बैटरी क्षमता, उड़ान का समय, स्पीड, वजन और चार्जिंग टाइम सहित डेवलप टेक्निक की जानकारी अभी तक रिविल नहीं हुई है. ऐसा माना जा रहा है कि प्रोटोटाइप में ड्रोन टेक्निक से इंस्पायर्ड एक कॉम्पैक्ट मल्टी-रोटर व्यवस्था का उपयोग किया गया है. इसकी सिंगल सीट लेआउट टीम को अधिक लिफ्ट का भार और बैलेंस की बेसिक जरूरतों पर ध्यान खींचती है.
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HAPIDA SKYNeX का आगे क्या होगा?
यह पहली उड़ान टम्टा और हापिडा स्काई के लिए एक इंपोर्टेंट डेवलपमेंट है, लेकिन प्रोटोटाइप अभी भी शुरुआती चरण में है. अलग-अलग परिस्थितियों में इसकी स्थिरता, रिलायबिलिटी, सेफ्टी और परफॉर्मेंस के लिए आगे टेस्टिंग की जरूरत है. निजी हवाई वाहन को नियमित पथ के लिए उपयोग करने से पहले नियामक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.
