Twitter के नये नाम X पर Elon Musk को हो सकती है मुश्किल, जानें कहां फंसेगा पेच

Twitter New Logo X - नये लोगो को लेकर ट्विटर को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. असल में बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट और मेटा सहित कई अन्य कंपनियों के पास पहले से ही X के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स हैं.

Elon Musk Legal Trouble on Twitter New Logo X : एलन मस्क (Elon Musk) ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) को रीब्रांड कर दिया है. ट्विटर का नाम बदलकर अंग्रेजी का अक्षर ‘एक्स’ (X) करने का फैसला उन्हें कानूनी पचड़े में फंसा सकता है. जी हां, एलन मस्क ने हाल ही में ट्विटर का नया लोगो X (Twitter New Logo X) जारी किया है. नये लोगो को लेकर ट्विटर को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. असल में बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट और मेटा सहित कई अन्य कंपनियों के पास पहले से ही X के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग सर्विसेज और मनोरंजन, गेमिंग और एप्लिकेशन डेवलपमेंट क्षेत्र में सोशल नेटवर्किंग सर्विसेज के लिए X लोगो को पहले से रजिस्टर्ड करा रखा है. ऐसे में ट्विटर के एक्स नाम और लोगो को लेकर विवाद होने की पूरी संभावना है. ऐसे में एलन मस्क को एक्स की जगह कोई दूसरा नाम और लोगो सोचना पड़ सकता है.

विवाद होने की पूरी संभावना

मेटा, माइक्रोसॉफ्ट सहित कई कंपनियों की ओर से X लेटर को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के तहत दर्ज कराया गया है. इसका मतलब यह कि कई सारी कंपनियां पहले से इस नाम और लोगो पर दावा कर रही हैं. ऐसे में ट्विटर के एक्स नाम और लोगो को लेकर विवाद होने की पूरी संभावना है. ऐसे में हो सकता है कि एलन मस्क को एक्स की जगह कोई दूसरा नाम और लोगो सोचना पड़े. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विटर को खरीदने के बाद से ही एलन मस्क प्लैटफॉर्म में कई बड़े बदलाव कर रहे हैं. मस्क ने ट्विटर की पहचान बदलने के साथ ही उसका नाम भी बदलकर X कर दिया है. गौरतलब है कि ट्विटर का नया लोगो एक सामान्य यूनिकोड कैरेक्टर जैसा है. इसे ‘मैथेमैटिकल डबल स्ट्रक कैपिटल X’ के रूप में जाना जाता है, जिसे मार्च, 2001 में यूनिकोड में जोड़ा गया. यूनिकोड एक अंतरराष्ट्रीय कंप्यूटिंग स्टैंडर्ड है, जिसमें प्रत्येक अक्षर या प्रतीक का एक विशिष्ट संख्यात्मक मान होता है. इसका उपयोग सभी प्लैटफॉर्म्स पर किया जा सकता है.

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माइक्रोसॉफ्ट के पास X ट्रेडमार्क 2003 से, मेटा का X लोगो 2019 से

आपको बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट के पास 2003 से एक्सबॉक्स वीडियो गेम सिस्टम के कम्यूनिकेशन से संबंधित एक X ट्रेडमार्क है. दूसरी ओर, मेटा का X लोगो 2019 में रजिस्टर्ड कराया गया था. मेटा का X अंदर की तरफ घूमा हुआ गोल सिरों वाले सफेद और नीले 2 तीरों जैसा है, वहीं ट्विटर का X काले और सफेद रंग के साथ कोणीय डिजाइन में है. ट्विटर को चुनौती का सामना इसलिए भी करना पड़ सकता है क्योंकि वह मेटा की तरह सोशल नेटवर्किंग उद्देश्यों के लिए अपने X का उपयोग करना चाहती है. ट्विटर का नया लोगो एक सामान्य यूनिकोड कैरेक्टर जैसा है. इसे ‘मैथेमैटिकल डबल स्ट्रक कैपिटल X’ के रूप में जानते हैं, जिसे मार्च, 2001 में अंतरराष्ट्रीय कंप्यूटिंग स्टैंडर्ड यूनिकोड में जोड़ा गया.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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