Toyota Innova Crysta खरीदने का है प्लान? शोरूम जाने से पहले जानें 3 फायदे और 2 नुकसान

टोयोटा इनोवा क्रिस्टा भारतीय MPV बाजार में एक जाना-पहचाना नाम है. यह कार मजबूती, स्पेस और दमदार परफॉर्मेंस का वादा करती है. लेकिन क्या यह आपके लिए सही ऑप्शन है? इस आर्टिकल में हम इसके 3 मुख्य फायदे और 2 ऐसे कारण बताएंगे, जो आपको इसे खरीदने या न खरीदने का फैसला लेने में मदद करेंगे.

टोयोटा इनोवा क्रिस्टा (Toyota Innova Crysta) कई सालों से भारतीय MPV मार्केट का एक प्रमुख हिस्सा रही है. इसने टिकाऊपन, भरोसे और यूटिलिटी के मामले में अपनी एक खास पहचान बनाई है. इसमें 2.4-लीटर का डीजल इंजन दिया गया है, जो 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है. यह कार सात और आठ सीटों के ऑप्शन में उपलब्ध है. इस आर्टिकल में इनोवा क्रिस्टा को खरीदने के 3 कारण और 2 ऐसे कारण दिए गए हैं, जिसके बाद आपके लिए इसे सेलेक्ट करना या छोड़ने का फैसला लेना आसान हो सकता है. 

खरीदने के 3 फायदे 

बेफिक्र ओनरशिप वाला फील 

इनोवा का नाम इसकी मजबूती और भरोसेमंद इंजन के लिए काफी लंबे समय से जाना जाता है, जो इसकी बिक्री की सबसे बड़ी वजह है. इसका 2.4-लीटर डीजल इंजन 150hp की पावर और 343Nm का टॉर्क देता है. यह इंजन अपनी स्मूथ परफॉर्मेंस और भरोसेमंद कैरेक्टर के लिए जाना जाता है. टोयोटा इस पर 3 साल या 1,00,000 किलोमीटर तक की वारंटी देती है, जिसे 5 साल या 2,20,000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है.

स्पेस और कन्वीनियंस

इनोवा सात और आठ सीटों के ऑप्शन में आती है. सात सीटों वाले मॉडल में दूसरी रो में कैप्टन सीट्स मिलती हैं, जबकि आठ सीटों वाले मॉडल में बेंच सीट दी गई है. सात सीटों वाला मॉडल दूसरी रो के पैसेंजर्स को ज्यादा आराम देता है, वहीं आठ सीटों वाला मॉडल ज्यादा लोगों के बैठने की जगह को प्राथमिकता देता है.

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थर्ड-रो में सामान्य कद-काठी के एडल्ट आसानी से बैठ सकते हैं. तीनों रो में AC वेंट्स दिए गए हैं और दूसरी रो के लिए अलग से ब्लोअर कंट्रोल मिलता है. लंबी दूरी के सफर के लिए फोल्ड होने वाले ट्रे टेबल भी दिए गए हैं. इसके अलावा, इनोवा को टोयोटा के मजबूत सर्विस और आफ्टर-सेल्स नेटवर्क का भी पूरा फायदा मिलता है.

हाईवे पर शानदार परफॉर्मेंस

2.4-लीटर का डीजल इंजन हाईवे पर बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है. तेज स्पीड में ओवरटेक करने के लिए इसमें भरपूर पावर मिलती है. क्रूज करते समय यह काफी आरामदायक रहती है और तेज एक्सप्रेस-वे पर भी इसकी पावर कम नहीं पड़ती. इसका राइड कम्फर्ट कुल मिलाकर अच्छा है, लेकिन खराब या उबड़-खाबड़ रास्तों पर यह थोड़ी झटके महसूस कराती है. अपनी बॉडी-ऑन-फ्रेम बनावट के कारण कम स्पीड पर इसमें थोड़ा खिंचाव या भारीपन महसूस होता है.

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छोड़ने के 2 कारण 

हेवी स्टीयरिंग

क्रिस्टा में हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग दिया गया है, जो कम स्पीड पर काफी भारी महसूस होता है. गड्ढों से गुजरते समय स्टीयरिंग व्हील पर झटका महसूस होता है, जो खराब रास्तों पर ज्यादा पता चलता है. इस वजह से इतनी बड़ी MPV को तंग जगहों में मोड़ना या पार्क करना थोड़ा मुश्किल काम हो जाता है.

कीमत थोड़ी ज्यादा होना

इनोवा क्रिस्टा को 2016 में लॉन्च किया गया था और अब इसका केबिन थोड़ा पुराना नजर आने लगा है. यह केबिन काफी बड़ा और आरामदायक तो है, लेकिन इसमें हार्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल ज्यादा हुआ है. इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम भी नई MPV कारों के मुकाबले पुराना लगता है. उदाहरण के लिए, किआ कारेंस क्लेविस भी इतनी ही कन्वीनियंस के साथ आती है, लेकिन उसका केबिन ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम दिखता है. 19.72 लाख रुपये से 26.77 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर इसके पुराने केबिन को नजरअंदाज करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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