Google का ऐलान, इस महीने से बैन हो जाएंगे ये ऐप्स, आज ही डेटा कर लें सेव

google apps ban - अगर आपके फोन में कर्ज देने यानी लेंडिंग ऐप्स मौजूद हैं, जिसमें आपका पर्सनल डेटा सेव है, तो बेहतर यही होगा कि आप उस डेटा को डिलीट कर दें, या फिर 31 मई से पहले डेटा को कहीं और सुरक्षित कर लें.

Google Banned Apps: ऑनलाइन कर्ज देने वाले कई ऐप्स को गूगल ने प्रतिबंधित करने का ऐलान किया है. गूगल यह कदम अपनी नयी फाइनेंशियल सर्विस पॉलिसी के तहत उठाने जा रहा है. यह पॉलिसी 31 मई 2023 से देशभर में लागू होगी.

ऐसे ऐप्स से डिलीट कर दें डेटा

अगर आपके फोन में कर्ज देने यानी लेंडिंग ऐप्स मौजूद हैं, जिसमें आपका पर्सनल डेटा सेव है, तो बेहतर यही होगा कि आप उस डेटा को डिलीट कर दें, या फिर 31 मई से पहले डेटा को कहीं और सुरक्षित कर लें. अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपका पर्सनल डेटा 31 मई के बाद डिलीट हो जाएगा.

गूगल ने क्यों प्रतिबंधित किये ऐप्स?

ऑनलाइन लोन देनेवाले ऐप्स पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं. इसके साथ ही, लोन देने वाले ऐप्स पर यूजर्स का संवेदनशील डेटा जैसे कॉन्टैक्ट, फोटो डीटेल्स चोरी करने के भी आरोप लगे हैं.

केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाई

यही नहीं, लोन देनेवाले ऐप्स पर कर्ज लेने वालों को प्रताड़ित करने से जुड़ी खबरें भी आती रहीं हैं. इसे लेकर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाई है. ऐसे में गूगल की ओर से कर्ज देने वाले ऐप्स को लिमिटेड कर दिया गया है.

गूगल का आया नया अपडेट

गूगल ने ऐसे ऐप्स के लिए पर्सनल लोन पॉलिसी अपडेट जारी किया है, इससे प्ले स्टोर पर कई लेंडिंग ऐप्स प्रतिबंधित हो जाएंगे. इस पॉलिसी अपडेट के तहत ऐप्स के पास यूजर्स के एक्सटर्नल स्टोरेज से फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट, लोकेशन और कॉल लॉग का ऐक्सेस करने का अधिकार नहीं रह जाएगा.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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