Tata, Maruti या Mahindra: ऊबड़-खाबड़ सड़कों के लिए कौन-सी कार है दमदार? कीमत 5.69 लाख रुपये से शुरू

भारत की ऊबड़-खाबड़ सड़कों के लिए दमदार कारें ढूंढ रहे हैं? टाटा पंच, मारुति ब्रेजा और महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ में से जानें कौन-सी एसयूवी आपके लिए बेस्ट है. जानें इनके फीचर्स, सस्पेंशन और ग्राउंड क्लियरेंस.

भारत की सड़कों पर जब आप अपनी कार लेकर निकलते हैं तभी आपको समझ आ जाता है कि यह ऊबड़-खाबड़ रास्तों को झेल पाएगी या नहीं. यहां की सड़कों पर आमतौर पर एक तरफ की सतह चिकनी रहती है, तो दूसरी तरह गड्ढे, टूटी या डैमेज हो सकती हैं. ऐसे में कारों का सिर्फ इंजन, फीचर्स और माइलेज पर ही नहीं, बल्कि खराब रास्तों पर स्मूद राइडिंग भी देखा जाता है. इस आर्टिकल में हमने आपके लिए उन 3 कारों की लिस्ट लाई है, जो खराब रास्तों पर बेहतर ड्राइविंग का अनुभव दे सकते हैं. टाटा पंच, मारुति ब्रेजा और महिंद्रा एक्सयूवी के बीच तुलना करेंगे. इनके डिजाइन को खासकर ऐसी परिस्थितियों को झेलने के लिए ही बनाया गया है.

Tata Punch

इस सूची में पहले नंबर पर टाटा मोटर्स की मोस्ट पॉपुलर सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी में से एक पंच का नाम रखा है. कॉम्पैक्ट साइज होने के बावजूद यह खराब या टूटी-फूटी सड़कों पर अच्छे बैलेंस के साथ चाल सकती है. इसका सस्पेंशन सड़कों पर बने गड्ढों के झटकों को बेहतर तरीके से झेल लेता है. इसके अलावा पंच का ग्राउंड क्लियरेंस 193 mm है, जो इसे कई हैचबैक कारों से बेस्ट बनाता है. टाटा पंच की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 5.69 लाख रुपये है. कम बजट में यह एक बढ़िया ऑप्शन बन जाती है.

Maruti Suzuki Brezza

दूसरे नंबर पर मारुति सुजुकी ब्रेजा का नाम है, जिसका 2026 मॉडल हाल ही में कंपनी ने लॉन्च कर दिया है. इसकी खासियत है कि यह दिखाने के लिए सिर्फ दिखावटी फीचर्स पर निर्भर नहीं रहती है, बल्कि इसे ऐसा सस्पेंशन सेटअप मिला है जो डेली ड्राइव के लिए बेस्ट और संतुलित है. ऊबड़-खाबड़ वाली सड़कों पर झटकों को आसानी से यह कार झेल सकती है. इसके 200 mm ग्राउंड क्लियरेंस के चलते स्पीड ब्रेकर में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती है. रोजाना चलाने वालों के लिए ब्रेजा एक बेस्ट चॉइस है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 7.39 लाख रुपये है.

Mahindra XUV 3XO

लिस्ट में तीसरे नंबर पर महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ का नाम है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 7.79 लाख रुपये है. इसमें शानदार परफॉर्मेंस और बेहतर सस्पेंशन सेटअप का तालमेल देखने को मिलता है. यह गाड़ी बाकी एसयूवी कारों से अलग है, क्योंकि गड्ढे वाले रास्तों पर भी दमदार परफॉर्मेंस देने के लिए जानी जाती है. इसमें 201 mm का ग्राउंड क्लियरेंस मिलता है, जो शहर की खराब सड़कों से लेकर हाइवे के एक्सपेंशन जॉइन्ट तक में धांसू ड्राइविंग एक्सपिरियंस देती है. महिंद्रा की यह कार भारत में मिलने वाली हर तरफ की सड़कों से निपटने के लिए बनी है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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