स्कूटर स्पीड नहीं पकड़ रहा? जानिए कब खुद ठीक करें और कब जाएं मेकैनिक के पास

स्कूटर स्टार्ट होने के बाद भी स्पीड नहीं पकड़ रहा? जानिए इसके पीछे की असली वजहें, इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर में क्या फर्क है और घर पर कैसे कर सकते हैं आसान समाधान.

स्कूटर स्टार्ट तो हो जाता है, लेकिन जैसे ही आप एक्सेलरेटर घुमाते हैं, गाड़ी ठीक से आगे नहीं बढ़ती. ट्रैफिक के बीच ऐसी स्थिति किसी के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकती है. खासकर नये राइडर्स के लिए यह अनुभव डराने वाला भी हो सकता है. लेकिन अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में यह कोई बड़ी खराबी नहीं होती, बल्कि छोटी-छोटी वजहें होती हैं जिन्हें समझकर आसानी से ठीक किया जा सकता है.

सबसे पहले करें ये बेसिक चेक

कई बार समस्या उतनी बड़ी नहीं होती जितनी हमें लगती है. सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि स्कूटर सही तरीके से स्टार्ट हुआ है या नहीं. कुछ स्कूटर्स में साइड स्टैंड सेफ्टी फीचर होता है, यानी अगर स्टैंड नीचे है तो गाड़ी स्पीड नहीं पकड़ती.

इसके अलावा डिस्प्ले पर आने वाले किसी भी वार्निंग सिग्नल को नजरअंदाज न करें. छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी भी एक्सेलरेशन को प्रभावित कर सकती है.

इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्यों आती है ये दिक्कत

अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर चला रहे हैं, तो सबसे आम वजह बैटरी की कमजोरी होती है. कई बार डिस्प्ले पर चार्ज दिखता है, लेकिन एक्सेलरेशन के समय बैटरी पर्याप्त पावर नहीं दे पाती.

दूसरी बड़ी वजह ब्रेक सेंसर हो सकता है. अगर सिस्टम को लगे कि ब्रेक दबा हुआ है, तो स्कूटर आगे नहीं बढ़ेगा. हैंडल के पास वायरिंग ढीली होना या थ्रॉटल सेंसर का गड़बड़ होना भी इस समस्या को जन्म देता है.

अक्सर एक सिंपल रीस्टार्ट भी इस तरह की प्रॉब्लम को सॉल्व कर देता है.

पेट्रोल स्कूटर में क्या हो सकता है कारण

पेट्रोल स्कूटर्स में यह समस्या आमतौर पर फ्यूल और एयर सप्लाई से जुड़ी होती है. अगर एयर फिल्टर गंदा है, तो इंजन को पर्याप्त हवा नहीं मिलती और गाड़ी स्पीड नहीं पकड़ पाती.

इसी तरह कार्बोरेटर में गंदगी या जाम होने से पेट्रोल सही तरीके से इंजन तक नहीं पहुंचता. थ्रॉटल केबल खराब या ढीली होने पर भी एक्सेलरेटर का असर सही नहीं मिलता.

घर पर आजमाएं ये आसान उपाय

अगर स्कूटर अचानक स्पीड नहीं पकड़ रहा, तो कुछ आसान चीजें खुद चेक की जा सकती हैं. स्कूटर को बंद करके दोबारा स्टार्ट करें.

इलेक्ट्रिक मॉडल में बैटरी लेवल ध्यान से देखें.

थ्रॉटल को धीरे-धीरे घुमाकर उसकी स्मूदनेस जांचें और कहीं वायरिंग ढीली तो नहीं, यह भी देख लें. पेट्रोल स्कूटर में एयर फिल्टर साफ करने से भी फर्क पड़ सकता है.

कब जरूरी है मेकैनिक के पास जाना

अगर ये सारे बेसिक उपाय करने के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो देरी करना सही नहीं है. इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंट्रोलर या सेंसर की खराबी और पेट्रोल स्कूटर में कार्बोरेटर जैसी दिक्कतों के लिए एक्सपर्ट की जरूरत होती है.

छोटी समस्या को नजरअंदाज करने से बाद में बड़ी और महंगी रिपेयरिंग का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए समय रहते सही जांच कराना ही बेहतर विकल्प है.

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By Rajeev Kumar

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