बारिश में ड्राइव करते समय कार की हैजर्ड लाइट्स जलाना चाहिए या नहीं? ज्यादातर ड्राइवर नहीं जानते सही जवाब

बारिश में ड्राइव करते समय हैजर्ड लाइट्स ऑन करना सेफ नहीं माना जाता. वजह यह है कि इससे दूसरे ड्राइवर कन्फ्यूज हो सकते हैं और हादसे का खतरा बढ़ सकता है. ऐसी सिचुएशन में हेडलाइट्स ऑन रखें, स्पीड कम रखें और दूरी बनाकर चलें.

तेज बारिश शुरू होते ही आपने भी अक्सर देखा होगा कि सड़क पर चल रही कई कारों के हैजर्ड लाइट्स (Hazard Lights) अचानक ऑन हो जाते हैं. ज्यादातर लोगों को लगता है कि मूसलाधार बारिश में ऐसा करना सही और सेफ है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? इसका जवाब है नहीं. ट्रैफिक एक्सपर्ट्स और ड्राइविंग गाइडलाइंस के मुताबिक, बारिश के दौरान नॉर्मल तरीके से गाड़ी चलाते हुए हैजर्ड लाइट्स ऑन करना सही नहीं माना जाता. बल्कि कई बार यह दूसरे ड्राइवरों के लिए कन्फ्यूजन पैदा कर सकता है और हादसे का खतरा भी बढ़ा सकता है.

हैजर्ड लाइट्स सिर्फ इन सिचुएशन में करें यूज

हैजर्ड लाइट्स का यूज सिर्फ खास सिचुएशन के लिए किया जाता है. जैसे अगर आपकी कार खराब हो गई हो, सड़क किनारे खड़ी हो या किसी वजह से बहुत स्लो स्पीड से चल रही हो और बाकी गाड़ियों को वार्निंग देना जरूरी हो. नॉर्मल बारिश या खराब मौसम में ड्राइविंग के दौरान इन्हें ऑन करने के लिए नहीं बनाया गया है.

बारिश में हैजर्ड लाइट जलाने के नुकसान

ज्यादातर कारों में हैजर्ड लाइट ऑन होने पर इंडिकेटर (टर्न सिग्नल) भी सही तरीके से काम नहीं कर पाते. ऐसे में अगर आपको लेन बदलनी हो या मोड़ लेना हो, तो पीछे वाले ड्राइवर को इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती. यही छोटी-सी गलती सड़क पर बड़े हादसे की वजह बन सकती है.

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एक और बड़ी दिक्कत भी है. अगर बारिश या खराब मौसम में सड़क पर चल रही हर दूसरी कार की हैजर्ड लाइट लगातार ब्लिंक कर रही हो, तो फिर उस गाड़ी की पहचान करना मुश्किल हो जाएगा जो सच में खराब हुई है या किसी मुसीबत में है. ऐसे में हैजर्ड लाइट का असली मकसद ही खत्म हो जाता है.

तो फिर तेज बारिश में क्या करना चाहिए? 

  • सबसे पहले अपनी हेडलाइट्स ऑन करें, सिर्फ पार्किंग लाइट्स नहीं. इससे सामने और पीछे चल रहे ड्राइवर आपको आसानी से देख पाएंगे और आपके इंडिकेटर्स को लेकर कोई कन्फ्यूजन भी नहीं होगा.
  • बारिश में हमेशा गाड़ी की स्पीड कम रखें और आगे चल रही गाड़ी के बिल्कुल पीछे न चलें. वजह यह है कि गीली सड़क पर ब्रेक लगने में नॉर्मल से ज्यादा समय लगता है.
  • अगर बारिश इतनी तेज हो जाए कि सड़क साफ दिखाई ही न दे, तो जोखिम लेने के बजाय किसी सेफ जगह पर गाड़ी रोक दें. ऐसे समय में हैजर्ड लाइट्स ऑन करना सही होता है, क्योंकि तब आपकी गाड़ी रुकी हुई होती है.

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Published by: Ankit Anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

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विजन

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