अगर आप हाईवे पर FASTag यूज करते हैं, तो NHAI (National Highways Authority of India) ने एक अलर्ट जारी किया है. NHAI ने साफ चेतावनी दी है कि अगर आपको कहीं भी FASTag Annual Pass के ऑफर दिख रहे हैं जो ऑफिशियल प्लेटफॉर्म के बाहर मिल रहे हों, तो उन पर भरोसा न करें.
असल में ये पास सिर्फ Rajmargyatra ऐप के जरिए ही मिलता है. लेकिन अब स्कैमर्स भी एक्टिव हो गए हैं. फेक लिंक, असली जैसे दिखने वाले पेज और आसान प्रोसेस का लालच देकर लोगों को फंसाया जा रहा है. इसका नतीजा यह होगा कि पैसे तो जाएंगे ही, साथ में आपकी पर्सनल डिटेल्स भी खतरे में पड़ सकती हैं.
फर्जी साइट्स बेच रहे FASTag पास
आजकल फेक FASTag पास बेचने वाली वेबसाइट्स तेजी से बढ़ रही हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि ये दिखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं. वही डिज़ाइन, वही रंग, और नाम भी इतने मिलते-जुलते कि जल्दी में कोई भी धोखा खा सकता है. आप लिंक पर क्लिक करते हैं, डिटेल्स डालते हैं, पेमेंट करते हैं और बाद में पता चलता है कि पास असल में है ही नहीं.
NHAI ने भी ऐसे मामलों में बढ़ोतरी की बात कही है. आपको बता दें कि FASTag Annual Pass किसी भी थर्ड पार्टी वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया लिंक से नहीं मिलता. अगर आपको कहीं भी दिख रहा है, तो तुरंत सावधान हो जाएं.
Rajmargyatra App से ही लें FASTag Annual Pass
अगर आप FASTag Annual Pass लेना चाहते हैं, तो इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है. Rajmargyatra App ही इसका एकमात्र ऑफिशियल तरीका है. NHAI ने साफ कर दिया है कि इसी ऐप के जरिए आप सेफ तरीके से पास ले सकते हैं.
ये ऐप पहले से ही रूट प्लानिंग, टोल अलर्ट और FASTag से जुड़ी कई सुविधाएं देता है. बस ध्यान रखें कि इसे हमेशा Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें और इंस्टॉल करते वक्त पब्लिशर का नाम जरूर चेक कर लें. यही छोटा सा स्टेप आपको बाद में बड़ी परेशानी से बचा सकता है.
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