अगर आपको लगता है कि E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल) से गाड़ियों पर कोई खास असर नहीं पड़ता, तो ये मामला आपकी सोच बदल सकता है. बिहार के मशहूर यूट्यूबर मनीष कश्यप ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में वह अपनी लगभग नई Toyota Innova Hycross Hybrid को लेकर काफी नाराज दिख रहे हैं.
हैरानी की बात ये है कि सिर्फ 12,000 km चली इस कार को फ्यूल सिस्टम में आई दिक्कत की वजह से सर्विस सेंटर ले जाना पड़ा. मनीष कश्यप का दावा है कि यह समस्या E20 पेट्रोल के यूज से हुई है. इतना ही नहीं, उनका कहना है कि डीलरशिप ने भी इस मामले में किसी तरह की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया.
17-20 kmpl माइलेज गिरकर रह गई सिर्फ 5 kmpl
मनीष कश्यप का कहना है कि उन्होंने 10,000 km पूरे होने पर कुछ ही समय पहले अपनी कार की सर्विस कराई थी. लेकिन सर्विस के महज 2,000 किलोमीटर बाद, यानी 12,000 km के आसपास ही इंजन में गंभीर समस्या सामने आ गई. उनके मुताबिक इंजन में तेज वाइब्रेशन महसूस होने लगा, नॉकिंग की आवाज आने लगी और हालत ऐसी हो गई कि कार बीच रास्ते में बंद होने जैसी परेशानी देने लगी. उनका का यह भी आरोप है कि जब कार के फ्यूल का सैंपल टेस्ट कराया गया, तो उसमें नॉर्मल से ज्यादा एथेनॉल और कुछ तरह की अशुद्धियां (कंटैमिनेशन) पाई गईं.
उनका दावा है कि सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात माइलेज में आई भारी गिरावट है. उनके अनुसार, पहले 17 से 20 kmpl तक का माइलेज देने वाली यह हाइब्रिड MPV अब सिर्फ करीब 5 kmpl का एवरेज दे रही है.
फ्यूल सैंपल्स की क्वालिटी एक जैसी नहीं
दूसरे वीडियो में Innova Hycross का फ्यूल टैंक गाड़ी से निकालकर दिखाया गया है. मनीष कश्यप फ्यूल पंप और फिल्टर असेंबली समझाते हुए बताते हैं कि इंजन तक पहुंचने से पहले पेट्रोल/डीजल कई बारीक फिल्टरों से होकर गुजरता है. इसके बाद वह फ्यूल टैंक और पूरे फ्यूल सिस्टम के अलग-अलग हिस्सों से लिए गए फ्यूल के कई सैंपल दिखाते हैं. उनका दावा है कि इन सैंपलों का रंग और क्वालिटी एक जैसी नहीं है, बल्कि कुछ में साफ तौर पर गंदगी और कंटैमिनेशन भी नजर आता है.
फ्यूल लिड पर लिखा है E20 Compatible, फिर भी गाड़ी में आ गई खराबी
मनीष कश्यप बार-बार अपनी Innova Hycross के फ्यूल लिड को दिखाते हैं, जिस पर साफ लिखा है ‘Up to E20 Petrol’. उनका कहना है कि गाड़ी E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह कंपैटिबल है, लेकिन इसके बावजूद खरीदने के कुछ ही महीनों के भीतर इसमें दिक्कतें आने लगीं. वीडियो में वो लगातार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर भी सवाल उठाते हैं. उनका आरोप है कि देश में E20 पेट्रोल को बढ़ावा देना सरकार की नीति का हिस्सा है. उनका कहना है कि ग्राहकों के पास यह ऑप्शन होना चाहिए कि वे चाहें तो नॉर्मल पेट्रोल भी खरीद सकें, सिर्फ E20 ब्लेंडेड पेट्रोल ही नहीं.
अगर गलती फ्यूल की तो वारंटी बेकार
कार मालिक ने एक और बड़ा सवाल वारंटी को लेकर उठाया है. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी कार के लिए 2 लाख किलोमीटर तक की एक्सटेंडेड वारंटी खरीदी है. लेकिन अगर कंपनी इस समस्या की वजह फ्यूल कंटैमिनेशन बताती है, तो फिर इंस्पेक्शन, सफाई और पार्ट्स बदलने का खर्च आखिर कौन उठाएगा? वीडियो में सर्विस सेंटर का एक स्टाफ भी यह इशारा करता हुआ नजर आता है कि अगर खराबी की वजह फ्यूल कंटैमिनेशन निकली, तो वारंटी का लाभ मिलना इतना आसान नहीं होगा.
यह भी पढ़ें: E20 पेट्रोल पर फोर्ड की चेतावनी, क्या पुराने EcoSport मालिकों को हो सकती है दिक्कत? जानिए पूरा मामला
