भारत का एक गांव ऐसा, जहां 70 साल पुरानी लैंड रोवर कारों से बंधी है लोगों के जीवन की डोर

Land Rover Village: दार्जिलिंग के पास एक अनोखा गांव, जहां 60 साल से ज्यादा समय से लैंड रोवर हैं लोगों के जीवन का हिस्सा. ये वाहन इस क्षेत्र के लोगों की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी विरासत काे सहेजे हैं

Manebhanjan India’s Land Rover Village: उत्तर-पूर्व भारत में एक छोटा सा गांव है, जो अपनी अनोखी संस्कृति और इतिहास के लिए जाना जाता है. माने भंजन, पश्चिम बंगाल का यह गांव, दार्जिलिंग से लगभग 28 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां से सैंडाकफू की यात्रा शुरू होती है, जो पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची चोटी है.

लैंड रोवर की धरती के रूप में क्यों है पहचान?

माने भंजन को लैंड रोवर की धरती के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यहां के लोग वर्षों से इन वाहनों का उपयोग करते आ रहे हैं. ब्रिटिश काल में चाय बागान मालिकों ने इन वाहनों को यहां लाया था, जो आज भी इस क्षेत्र की जीवनरेखा हैं.

अभी क्या होता है इस्तेमाल?

आज भी, माने भंजन में 70 साल से अधिक पुराने लैंड रोवर वाहनों का उपयोग टैक्सी और सामान ढोने के लिए किया जाता है. ये वाहन इस क्षेत्र की कठिन पहाड़ी सड़कों पर भी आसानी से चल सकते हैं, जो आधुनिक वाहनों के लिए असंभव है.

संस्कृति और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा

माने भंजन के लिए लैंड रोवर वाहन न केवल एक साधन हैं, बल्कि यह उनकी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं. ये वाहन इस क्षेत्र के लोगों की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी विरासत का एक हिस्सा हैं.

लैंड रोवर का इतिहास

लैंड रोवर वाहनों का इतिहास माने भंजन में बहुत पुराना है. ब्रिटिश काल में चाय बागान मालिकों ने इन वाहनों को यहां लाया था, जो उस समय के लिए एक अद्वितीय और शक्तिशाली वाहन थे.

Manebhanjan Land Rover Village India: FAQs

मानेभंजन कहां स्थित है?

मानेभंजन पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित है.

मानेभंजन में लैंड रोवर वाहनों का उपयोग क्यों किया जाता है?

मानेभंजन में लैंड रोवर वाहनों का उपयोग कठिन पहाड़ी सड़कों पर चलने के लिए किया जाता है.

मानेभजन के लिए लैंड रोवर वाहन क्यों महत्वपूर्ण हैं?

मानेभंजन के लिए लैंड रोवर वाहन न केवल एक साधन हैं, बल्कि यह उनकी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं.

लैंड रोवर वाहनों का इतिहास माने भंजन में क्या है?

लैंड रोवर वाहनों का इतिहास माने भंजन में बहुत पुराना है, जो ब्रिटिश काल से शुरू होता है.

माने भंजन में लैंड रोवर वाहनों की उम्र कितनी है?

माने भंजन में लैंड रोवर वाहनों की उम्र 70 साल से अधिक है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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