भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार लोगों के बजट पर असर डाल रही हैं. ऐसे में नई कार खरीदने वाले ग्राहकों की पहली प्राथमिकता अब सिर्फ डिजाइन या फीचर्स नहीं, बल्कि माइलेज भी बन चुकी है. खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, ईंधन दक्षता सीधे तौर पर जेब पर पड़ने वाले खर्च को कम कर सकती है. अगर आप भी ऐसी कार की तलाश में हैं जो कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करे, तो भारतीय बाजार में कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो शानदार माइलेज के साथ बेहतर ड्राइविंग अनुभव भी देते हैं.
हाइब्रिड तकनीक ने बदल दिया माइलेज का खेल
पिछले कुछ वर्षों में हाइब्रिड तकनीक वाली कारों की मांग तेजी से बढ़ी है. पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के संयोजन से चलने वाली ये कारें पारंपरिक पेट्रोल वाहनों की तुलना में कहीं बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी देती हैं. इसी वजह से माइलेज के मामले में हाइब्रिड मॉडल्स सूची में सबसे ऊपर दिखाई दे रहे हैं.
मारुति सुजुकी विक्टोरिस इस समय सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कारों में शामिल है. हाइब्रिड मोड में यह 28.65 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देने का दावा करती है. वहीं सीएनजी वर्जन में यह 27.02 किमी प्रति किलोग्राम तक का माइलेज देती है. इसके अलावा मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर भी लगभग 27.97 किमी प्रति लीटर का माइलेज देकर ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं.
सेडान सेगमेंट में भी मजबूत विकल्प
अगर आप एसयूवी के बजाय सेडान पसंद करते हैं तो होंडा सिटी हाइब्रिड एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. यह कार लगभग 26.5 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है. इसके साथ प्रीमियम केबिन, आधुनिक तकनीक और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव भी मिलता है. यही वजह है कि यह माइलेज और लग्जरी का संतुलन चाहने वाले ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है.
छोटी कारों का जलवा अब भी बरकरार
भारतीय बाजार में हैचबैक सेगमेंट अभी भी सबसे ज्यादा बिक्री वाला वर्ग बना हुआ है. मारुति सेलेरियो, स्विफ्ट, वैगनआर, एस-प्रेसो और ऑल्टो के10 जैसी कारें शानदार माइलेज के साथ किफायती कीमत भी ऑफर करती हैं.
मारुति सेलेरियो करीब 26 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देती है, जबकि नई स्विफ्ट 25.75 किमी प्रति लीटर तक का दावा करती है. वहीं डिजायर भी 25.71 किमी प्रति लीटर तक की फ्यूल एफिशिएंसी के साथ ग्राहकों की पसंद बनी हुई है. वैगनआर और ऑल्टो के10 जैसी कारें भी कम रखरखाव लागत और बेहतर माइलेज के कारण पहली कार खरीदने वालों की पसंद में शामिल हैं.
खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
सिर्फ माइलेज देखकर कार खरीदना सही फैसला नहीं होता. ग्राहकों को अपनी जरूरत, रोजाना चलने वाली दूरी, सर्विस नेटवर्क, सुरक्षा फीचर्स और मेंटेनेंस लागत जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए. अगर आपकी मासिक रनिंग ज्यादा है तो हाइब्रिड या सीएनजी मॉडल लंबे समय में अधिक बचत करा सकते हैं.
बढ़ते ईंधन खर्च के दौर में समझदारी भरा विकल्प
जब ईंधन की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, तब बेहतर माइलेज वाली कार चुनना एक स्मार्ट निवेश साबित हो सकता है. हाइब्रिड, सीएनजी और आधुनिक पेट्रोल इंजन तकनीक की बदौलत अब ग्राहकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प मौजूद हैं. यही वजह है कि माइलेज अब भारतीय कार बाजार में सबसे महत्वपूर्ण खरीदारी मानदंडों में से एक बन चुका है.
यह भी पढ़ें: किसी खास को गिफ्ट करनी है कार, तो ये 6 अफॉर्डेबल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स रहेंगे बेस्ट
यह भी पढ़ें: ₹8 लाख की रेंज में खरीदना चाहते हैं SUV? ये 7 मॉडल बजट में देंगे दमदार फीचर्स और शानदार वैल्यू
