HR 88B 8888: करोड़ों की VIP नंबर प्लेट फिर से नीलामी में, जानिए लेटेस्ट अपडेट

देश की सबसे महंगी नंबर प्लेट HR 88B 8888 ₹1.17 करोड़ में बिकी थी, अब भुगतान न होने पर दोबारा नीलामी होगी

HR 88B 8888: हरियाणा की चर्चित वीआईपी नंबर प्लेट ‘HR 88B 8888’, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं, अब दोबारा नीलामी के लिए जा रही है. यह वही प्लेट है जो हाल ही में ₹1.17 करोड़ में बिकी थी और देश की सबसे महंगी नंबर प्लेट बन गई थी. लेकिन अब मामला पलट गया है क्योंकि विजेता बोलीदाता रकम जमा करने में नाकाम रहा.

HR 88B 8888: बोलीदाता ने क्यों पीछे खींचे हाथ?

रोमुलस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर सुधीर कुमार ने इस प्लेट पर सबसे ऊंची बोली लगाई थी. दो दिन की लंबी बोली प्रक्रिया के बाद उन्होंने इसे जीत लिया. लेकिन तय समय सीमा तक ₹1.17करोड़ की राशि जमा नहीं कर पाए. उनका कहना है कि तकनीकी दिक्कतों के चलते भुगतान नहीं हो सका और परिवार भी इतनी बड़ी रकम खर्च करने के खिलाफ था.

HR 88B 8888: प्लेट की खासियत क्या है?

इस नंबर की सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें ‘B’ अक्षर अंक ‘8’ जैसा दिखता है. इस वजह से पूरी सीक्वेंस एक अनोखी स्ट्रिंग ऑफ एट्स बन जाती है. यही विजुअल अपील इसे बाकी फैंसी नंबरों से अलग करती है और बोली लगाने वालों को आकर्षित करती है.

HR 88B 8888: हरियाणा में VIP नंबर का क्रेज

हरियाणा में हर हफ्ते ऑनलाइन नीलामी होती है जहां लोग अपनी पसंद का फैंसी नंबर चुन सकते हैं. शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक आवेदन लिए जाते हैं और बुधवार शाम तक नतीजे घोषित होते हैं. पूरा प्रॉसेस परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन होता है.

HR 88B 8888: अब फिर से होगी नीलामी

चूंकि विजेता बोलीदाता रकम जमा नहीं कर पाया, परिवहन विभाग ने इस नंबर को दोबारा नीलाम करने का आदेश दिया है. अब देखना होगा कि इस बार कौन सा बोलीदाता करोड़ों खर्च कर इस अनोखी प्लेट को अपने नाम करता है.

HR88B8888: 1.17 करोड़ में बिका भारत का सबसे महंगा VIP नंबर, आप भी ले सकते हैं ऐसी दमदार नंबर प्लेट, जानें कैसे

2-Wheeler चोरी क्यों होते हैं? अपनी गाड़ी चोरों से बचाने के 9 जबरदस्त तरीके

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >