EV Charging Time in India: इलेक्ट्रिक कार खरीदने के बाद सबसे आम सवाल यही होता है कि आखिर इसकी बैटरी फुल चार्ज होने में कितना समय लगेगा? क्या घर के सामान्य 15A सॉकेट से कार चार्ज की जा सकती है? 7.2kW का वॉल चार्जर लगाने पर कितना समय बचेगा? और अगर 60kW का DC फास्ट चार्जर इस्तेमाल करें तो बैटरी कितनी जल्दी चार्ज होगी?
अगर आपके मन में भी ऐसे ही सवाल हैं, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. आइए समझते हैं कि अलग-अलग चार्जर से इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने में कितना समय लग सकता है.
15A चार्जर: काम का है, लेकिन रफ्तार काफी धीमी
अधिकतर इलेक्ट्रिक कारों के साथ मिलने वाला पोर्टेबल चार्जर 15A का होता है. इसकी खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए अलग से चार्जिंग सेटअप की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद सामान्य पावर सॉकेट में इसे लगाया जा सकता है.
हालांकि, इसकी चार्जिंग स्पीड काफी कम होती है. छोटी इलेक्ट्रिक कारों में यह काम चला सकता है, लेकिन बड़ी बैटरी वाली EV के लिए आपको काफी इंतजार करना पड़ सकता है.
उदाहरण के तौर पर पंच EV और टाटा नेक्सॉन EV जैसी कारों को 15A चार्जर से फुल चार्ज होने में करीब 16 से 17 घंटे लग सकते हैं. वहीं हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और एमजी विंडसर जैसी कारों में यह समय करीब 21 घंटे तक पहुंच सकता है. टाटा हैरियर EV जैसी बड़ी इलेक्ट्रिक SUV को इसी तरह चार्ज करने में करीब 30 घंटे तक लग सकते हैं.
यानी अगर आपकी EV छोटी है और रोजाना ज्यादा किलोमीटर नहीं चलती है, तो 15A चार्जर से काम चल सकता है. लेकिन रोजाना कार इस्तेमाल करने वालों के लिए वॉल चार्जर ज्यादा बेहतर विकल्प है.
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7.2kW वॉल चार्जर: घर पर चार्जिंग का बेहतर विकल्प
अगर आप इलेक्ट्रिक कार को नियमित रूप से घर पर चार्ज करते हैं, तो 7.2kW AC वॉल चार्जर ज्यादा सुविधाजनक विकल्प हो सकता है. इसे दीवार पर फिक्स किया जाता है और इसके लिए अलग से चार्जर लगवाना पड़ता है.
एक आम भ्रम यह है कि 7.2kW AC चार्जर लगाने के लिए थ्री-फेज बिजली कनेक्शन जरूरी होता है. ऐसा नहीं है. 7.2kW का चार्जर सिंगल-फेज कनेक्शन पर भी चल सकता है, हालांकि आपके घर की वायरिंग और इलेक्ट्रिकल लोड क्षमता पर्याप्त होनी चाहिए.
इस चार्जर की मदद से चार्जिंग टाइम काफी कम हो जाता है. पंच EV और नेक्सॉन EV जैसी कारों को फुल चार्ज होने में करीब 5 से 6 घंटे लग सकते हैं. वहीं क्रेटा इलेक्ट्रिक को करीब 8 घंटे में चार्ज किया जा सकता है.
अगर आप महिंद्रा BE 6, XEV 9e या XEV 9S जैसी बड़ी इलेक्ट्रिक कार चलाते हैं और घर पर ज्यादा तेज चार्जिंग चाहते हैं, तो 11kW AC चार्जर भी विकल्प हो सकता है. हालांकि, 11kW AC चार्जर के लिए आम तौर पर थ्री-फेज कनेक्शन की जरूरत पड़ती है.
DC फास्ट चार्जर: कम समय में ज्यादा चार्ज
अब बात उस चार्जर की जो EV यूजर्स को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है. हाईवे और पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर मिलने वाले DC फास्ट चार्जर बैटरी को काफी तेजी से चार्ज करते हैं.
यहां एक बात समझना जरूरी है कि चार्जर की क्षमता और कार की अधिकतम चार्जिंग क्षमता अलग-अलग हो सकती है. उदाहरण के लिए, अगर कार 120kW या 180kW तक DC चार्जिंग सपोर्ट करती है, लेकिन आप उसे 60kW के चार्जर से कनेक्ट करते हैं, तो उसे अधिकतम करीब 60kW का ही आउटपुट मिलेगा.
60kW DC चार्जर से छोटी EV को करीब 30 मिनट में 10 से 80% तक चार्ज किया जा सकता है. वहीं क्रेटा इलेक्ट्रिक और विंडसर जैसी मिड-साइज EV को इसी रेंज तक पहुंचने में करीब 50 मिनट लग सकते हैं. बड़ी हैरियर EV को 10 से 80% तक चार्ज होने में करीब 70 मिनट लग सकते हैं.
यही वजह है कि लंबी यात्रा के दौरान DC फास्ट चार्जर काफी काम आते हैं. हालांकि, इन्हें घर पर लगाना महंगा हो सकता है और इसके लिए ज्यादा इलेक्ट्रिकल क्षमता की जरूरत पड़ती है.
EV चार्जिंग में बैटरी टाइप भी है महत्वपूर्ण
चार्जिंग का मामला सिर्फ चार्जर की पावर तक सीमित नहीं है. आपकी इलेक्ट्रिक कार में इस्तेमाल होने वाली बैटरी का प्रकार भी मायने रखता है.
अगर EV में LFP (Lithium Iron Phosphate) बैटरी लगी है, तो समय-समय पर बैटरी को 100% तक चार्ज करना उपयोगी माना जाता है. वहीं NMC (Nickel Manganese Cobalt) बैटरी के मामले में रोजाना इस्तेमाल के लिए बैटरी को करीब 20 से 80% के बीच रखना बेहतर माना जाता है.
हालांकि, बैटरी को लेकर सबसे सही तरीका आपकी कार निर्माता कंपनी की ओर से दिए गए निर्देशों पर निर्भर करता है.
कौन सा चार्जर आपके लिए सही?
अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो चार्जर का चुनाव आपके इस्तेमाल पर निर्भर करता है.
- 15A पोर्टेबल चार्जर: कम ड्राइविंग और रातभर चार्जिंग के लिए ठीक. 7.2kW AC वॉल चार्जर: घर पर रोजाना चार्जिंग के लिए बेहतर विकल्प. 11kW AC चार्जर: बड़ी EV और तेज होम चार्जिंग की जरूरत वालों के लिए उपयोगी. DC फास्ट चार्जर: लंबी यात्रा और कम समय में ज्यादा चार्जिंग के लिए सबसे बेहतर.
कुल मिलाकर, EV की चार्जिंग स्पीड केवल चार्जर पर निर्भर नहीं करती. बैटरी की क्षमता, कार की अधिकतम चार्जिंग क्षमता, चार्जर का आउटपुट और बैटरी का तापमान भी चार्जिंग टाइम को प्रभावित करते हैं. इसलिए किसी भी EV को खरीदने से पहले सिर्फ उसकी रेंज नहीं, बल्कि उसकी चार्जिंग क्षमता और आपके घर पर उपलब्ध इलेक्ट्रिकल सेटअप को भी जरूर समझ लें.
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