Honda Shine 125 के सभी वैरिएंट्स की कीमत में कितना फर्क? खरीदने से पहले जरूर जानें

अगर आप किफायती 125cc कम्यूटर बाइक की तलाश में हैं, तो Honda Shine 125 एक बढ़िया ऑप्शन बनकर सामने आती है. इसकी ड्रम और डिस्क दोनों वेरिएंट्स की कीमत में फर्क मुख्य रूप से ब्रेकिंग हार्डवेयर की वजह से है. आइए जानते हैं दोनों की कीमतों में हमें कितना फर्क देखने को मिलता है.

फरवरी 2026 में Honda Shine 125 की कीमत भारतीय बाजार में 125cc कम्यूटर सेगमेंट में राइवल बनी हुई है. यह बाइक डेली यूज करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश की जाती है. कंपनी इसे दो वेरिएंट्स में उपलब्ध कराती है, ताकि खरीदार अपनी जरूरत और बजट के अनुसार ऑप्शन चुन सकें. ऐसे में अगर आप इस बाइक को खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आइए समझ लेते हैं फिलहाल एक्स-शोरूम कीमतों में ड्रम और डिस्क वेरिएंट के बीच कितना अंतर है.

वैरिएंट के हिसाब से Honda Shine 125 की कीमतें

फरवरी 2026 तक, Honda अपनी Shine 125 को दो वेरिएंट्स के साथ एक लिमिटेड एडिशन मॉडल में पेश कर रही है. अगर कीमत की बात करें, तो Drum वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 80,852 रुपये है, Disc वेरिएंट 85,211 रुपये में मिलता है, जबकि Limited Edition की कीमत 86,211 रुपये रखी गई है.

ड्रम और डिस्क वेरिएंट के बीच करीब 4,300 रुपये का अंतर है. यह फर्क फ्रंट डिस्क ब्रेक और उससे जुड़े हार्डवेयर की वजह से है. बाकी इंजन, चेसिस और फीचर्स तीनों में लगभग एक जैसे ही आपको मिलते हैं. यानी कीमत में बढ़ोतरी परफॉर्मेंस नहीं बल्कि ब्रेकिंग अपग्रेड के कारण है.

Honda Shine 125 की इंजन और फीचर्स

सभी वेरिएंट में आपको वही भरोसेमंद इंजन मिलता है. Honda Shine 125 में 123.94cc का सिंगल-सिलेंडर फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन दिया गया है, जो 10.63 hp की पावर और 11 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसके साथ 5-स्पीड गियरबॉक्स आपको मिलता है. बाइक में डायमंड फ्रेम दिया गया है, जबकि आगे टेलिस्कोपिक फोर्क्स और पीछे डुअल शॉक एब्जॉर्बर मिल जाते हैं. इसके अलावा साइलेंट स्टार्ट, इंजन स्टॉप स्विच और एनालॉग-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे फीचर्स भी इसमें शामिल हैं.

ड्रम या डिस्क वैरिएंट: कौन ज्यादा सही?

अगर आप ब्रेकिंग फील और हाई स्पीड या पिलियन के साथ बेहतर कंट्रोल चाहते हैं, तो डिस्क ब्रेक वाला वेरिएंट आपके लिए बेहतर रहेगा. खासकर हाईवे पर चलाते समय इसमें ब्रेक फेड होने की समस्या भी कम रहती है.

वहीं, अगर आप ज्यादातर शहर में 60 किमी/घंटा से कम स्पीड पर बाइक चलाते हैं, तो ड्रम ब्रेक आपके लिए ज्यादा किफायती ऑप्शन हो सकता है. क्योंकि इंजन और बाकी स्पेसिफिकेशन्स दोनों वेरिएंट में लगभग एक जैसे ही होते हैं. इसलिए असली फर्क सिर्फ आपकी जरूरत और इस्तेमाल के तरीके से तय होता है.

यह भी पढ़ें: 6 आसान और असरदार उपाय बाइक की माइलेज बढ़ाने के

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >