धूप से चलने वाला ट्रैक्टर लॉन्च, जुताई करते-करते होगी बैटरी चार्ज, किसानों के खर्च पर नहीं होगा असर

अमेरिकी कंपनी GoSun ने किसानों के लिए मूनराइड 27, एक ऑल-इलेक्ट्रिक सोलर ट्रैक्टर पेश किया है. इस ट्रैक्टर में लगने वाली बैटरी को धूप से चार्ज किया जा सकता है, जो किसानों को पैसे बचाने और पर्यावरण की रक्षा करने में मदद करेगा.

खेत जुताई करने वाला ट्रैक्टर का नया अवतार लॉन्च हो चुका है. अभी तक इस वाहन को डीजल से चलाया जा रहा था, लेकिन अब अमेरिकी कंपनी गोसन (Gosun) ने इसका कायाकल्प कर दिया है. किसानों को इसके इस्तेमाल करने के लिए पॉकेट से ज्यादा खर्चा करना पड़ रहा था, क्योंकि डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. ऐसे में GoSun ने अपने नए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में बिजली और सूरज की रोशनी जोड़ी है. कंपनी ने अपना पहला ऑल-इलेक्ट्रिक सोलर ट्रैक्टर मार्केट में लाया है, जिसका नाम मूनराइड 27 (Moonride 27) है. इस ट्रैक्टर में लगने वाली बैटरी को धूप से चार्ज किया जा सकता है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

GoSun Moonride 27 में मिलेगा रिमूवेबल सोलर पैनल 

GoSun मूनराइड 27 ट्रैक्टर के साथ हाई-एफिशिएंसी फोल्ड-आउट सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं, जो खेत में काम करने या कहीं बाहर खड़े रहने के दौरान धूप से ही बैटरी चार्ज होगी. ऐसा होने से इसकी रनिंग टाइम भी बढ़ती है. साथ ही, ग्रिड से चार्ज करने की निर्भरता भी कम होगी. सबसे खास बात यह है कि ये सोलर पैनल रिमूवेबल है और जब जरूरत होगी तब इसे गाड़ी के ऊपर यानि छत पर भी रखा जा सकता है.

इस ट्रैक्टर में हाई-टॉर्क इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन लगाया गया है. इलेक्ट्रिक मोटर की खास बात यह है कि इससे तुरंत पावर मिलती है. इससे गाड़ी को वजन वाला समान खींचने, खास काटने या फिर जुताई करने पर मदद मिल सकती है. ट्रेडिशनल डीजल इंजने के जैसे इसमें पावर देने के लिए इंजन को स्पीड पकड़ने के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती. 

किसान के पॉकेट पर नहीं होगा असर

GoSun के मुताबिक, यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर किसानों के पॉकेट पर असर नहीं होने देना, क्योंकि फ्यूल खर्च कम कर सकता है. इलेक्ट्रिक मोटर में ट्रेडिशनल इंजन की तुलना में कम मूवेबल पार्ट्स होते हैं, इसलिए रेगुलर सर्विस और मेंटेन्स की खर्च को कम करता है.  

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GoSun Moonride: बैटरी और चार्जिंग 

इस ऑल-इलेक्ट्रिक सोलर ट्रैक्टर में GoSun कंपनी ने 24kWh का पावर का दमदार लिथियम ऑयन फॉस्फेट बैटरी पैक दिया गया है. कंपनी के मुताबिक, इसमें 220V का चार्जर लगाया गया है जो 2.5 घंटे में बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत चार्ज करेगा. साथ ही, 1100W का ऑप्शनल सोलर पैनल चार्जर भी दिया है, जिससे रन टाइम एक्सटेंड होता है. यह 4x4 व्हील ड्राइव सिस्टम से लैस है. इसके अलावा फ्रंट में 9 और रियर में 3 स्पीड रिवर्स गियर दिए गए हैं.

GoSun Moonride: फीचर्स 

इस ट्रैक्टर में जियो फेंसिंग, मोबाइल कनेक्टिविटी और GPS नेविगेशन जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं. इसके अलावा इसकी टर्निंग रेडियस करीब 1.4 मीटर है, जो छोटे खेतों में इस ट्रैक्टर को आसानी से मुड़ने में मदद करता है. इसका कुल वजन 1,095 किलोग्राम है. इसका ग्राउंड क्लियरेंस 270mm है.

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GoSun Moonride: बुकिंग और डिलीवरी 

कंपनी ने अभी फिलहाल इसे लॉन्च किया है. अमेरिकी बाजार के लिए इसकी ऑफिशियल बुकिंग स्टार्ट हो चुकी है. इसे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर 50 डॉलर यानि करीब 4,785 रुपये में बुक किया जा सकता है. यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर 1 से 3 सितंबर तक अमेरिका के आयोबा स्टेट के बूने शहर शहर में होने वाले फार्म प्रोग्रेस शो में भी पेश किया जाएगा.


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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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