PM CARES के नाम पर कहीं चूना न लग जाए आपको, FAKE लिंक भेजकर हो रही ठगी

fake pm cares links being used to cheat people maharashtra cyber police warns महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने जानकारी दी कि कुछ साइबर फ्रॉड ऑनलाइन कोरोना वायरस डोनेशन के नाम पर फर्जी लिंक का इस्तेमाल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं.

Beware of Fake PM CARES Links : हमारा देश इस वक्त कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहा है. इस खतरनाक महामारी से लड़ने के लिए पूरा देश एकजुट हो चुका है.

बात चाहे घर पर रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का नियम पालन करने की हो या जरूरतमंदों की मदद करने की, हर भारतीय इस लड़ाई में अपनी भागीदारी बखूबी निभा रहा है.

जहां एक तरफ लो एकजुट होकर कोराना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, वहीं कुछ शातिर ठग इसका फायदा उठाने से भी नहीं चूक रहे हैं.

पिछले दिनों महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने जानकारी दी कि कुछ साइबर फ्रॉड ऑनलाइन कोरोना वायरस डोनेशन के नाम पर फर्जी लिंक का इस्तेमाल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं.

महाराष्ट्र साइबर पुलिस के अनुसार, यह धोखाधड़ी प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष (PM CARES) के नाम पर की जा रही है.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के नाम पर हो रही ऑनलाइन फर्जी खबरें फैलाने को लेकर 78 मामले दर्ज किये हैं.

ऐसे ही कुछ फर्जी PM CARES लिंक को ट्रेस करके बंद कर दिया गया है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे इस तरह की डोनेशन केवल विश्वसनीय लिंक पर ही करें.

पीएम केयर्स का आधिकारिक लिंक pmcares@sbi है. इस लिंक पर क्लिक करके आप कोरोना की जंग में शामिल हो सकते हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद में सरकार की सहायता कर सकते हैं.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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