Google, Apple और Amazon आये यूरोपियन यूनियन के डिजिटल रेगुलेशन में, अब नहीं चलेगी मनमानी

यूरोपीय यूनियन के इस कानून में टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए उन गतिविधियों का जिक्र है जिनसे वे नए डिजिटल बाजारों पर कब्जा न कर पाएं. इसके लिए उन पर भारी जुर्माना लगाने या कंपनी को विघटित करने की चेतावनी देने जैसे तरीके भी अपनाए जा सकते हैं.

यूरोपीय यूनियन (EU) ने ऐपल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, फेसबुक और टिकटॉक जैसी टेक्नोलॉजी बेस्ड कंपनियों को नए डिजिटल नियमों के दायरे में लाने की घोषणा की. यूरोपीय यूनियन में ऑनलाइन कंपनियों की कारोबारी क्षमता को नियंत्रित करने के इरादे से ‘डिजिटल बाजार अधिनियम’ लाया गया है. इसके तहत इन छह वैश्विक कंपनियों को ऑनलाइन गेटकीपर के रूप में वर्गीकृत किया गया है जिसकी वजह से उन पर अधिकतम निगरानी रखी जाएगी. यूरोपीय यूनियन की कार्यकारी शाखा यूरोपीय आयोग के आयुक्त एवं डिजिटल नीति के प्रभारी थिएरी ब्रेटन ने कहा, अब खेल के नियम बदलने का वक्त आ गया है. हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी ऑनलाइन प्लैटफॉर्म, चाहे वह कितना भी बड़ा हो, ढंग से बर्ताव करे.

कंपनियों को अनुपालन के लिए छह महीनों का दिया गया वक्त

यूरोपीय यूनियन के इस कानून में टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए उन गतिविधियों का जिक्र है जिनसे वे नए डिजिटल बाजारों पर कब्जा न कर पाएं. इसके लिए उन पर भारी जुर्माना लगाने या कंपनी को विघटित करने की चेतावनी देने जैसे तरीके भी अपनाए जा सकते हैं. Google की मूल कंपनी Alphabet, Facebook की संचालक कंपनी Meta, Apple, Amazon, Microsoft एवं TikTok की मूल कंपनी ByteDance को यूरोपीय यूनियन के नए डिजिटल नियमों का अनुपालन करना होगा. हालांकि इन कंपनियों को अनुपालन के लिए छह महीनों का वक्त दिया गया है.

मैसेज-बेस्ड सेवाओं को एक-दूसरे के साथ काम करने की जरूरत

यूरोपीय आयोग ने कहा कि डिजिटल प्लैटफॉर्म अगर कारोबारों एवं उपभोक्ताओं के बीच गेटवे के तौर पर सेवाएं देते हैं तो उन्हें गेटकीपर के तौर पर सूचीबद्ध किया जा सकता है. इन सेवाओं में गूगल का क्रोम ब्राउजर, माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम, मेटा का व्हाट्सऐप, टिकटॉक और अमेजन के मार्केटप्लेस और ऐपल के ऐप स्टोर शामिल हैं. मैसेज-बेस्ड सेवाओं को एक-दूसरे के साथ काम करने की जरूरत होगी. इसके अलावा डिजिटल प्लैटफॉर्म ऑनलाइन सर्च के नतीजों में अपने उत्पादों या सेवाओं को अपने प्रतिद्वंद्वियों के ऊपर नहीं दर्शा पाएंगे. इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली कंपनी पर उसके वार्षिक वैश्विक राजस्व का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार उल्लंघन करने पर यह जुर्माना 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है या फिर कंपनी को विघटित भी किया जा सकता है.

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