साइबर ठग ई-चालान के जरिये कर रहे हैं बैंक खता खाली, जानें कैसे करें असली-नकली की पहचान

E-Challan: ठगी करने वाले ऑनलाइन स्कैम के साथ ही अब ई-चालान के जरिए लोगों के साथ स्कैम कर रहे हैं. स्कैम करने के इस तरीके में स्कैमर्स आपको ई-चालान का एक मैसेज भेजते हैं जिसमें आपको वह भारी जुर्माना भरने के लिए कहते हैं. आइए जानते हैं कि इस तरह के स्कैम से आप किस तरह से बच सकते हैं.

E-Challan: देश में रोजाना ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए सैकड़ों चालान काटे जाचते हैं. जिससे बचने के लिए लोग तरह-तरह के जुगाड़ करते हैं.जिसका फायदा इन दिनों साइबर ठग ई-चालान का इस्तेमाल करके लोगों के बैंक अकाउंट को खाली करने में कर रहे है ,ठग फर्जी ई-चालान भेजते हैं, जिनमें जुर्माना की राशि दर्ज होती है. जब लोग जुर्माना भरने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं, तो उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है.आइए जानते हैं कि आखिर ई-चालान फिशिंग स्कैम क्या होता है और इससे आप किस तरह से बच सकते हैं.

ई-चालान स्कैम कैसे करता है काम

-चालान धोखाधड़ी एक नया तरीका है जिसके जरिए साइबर अपराधी लोगों को बेवकूफ बनाकर उनका पैसा चुरा लेते हैं ठग एक नकली ई-चालान बनाते हैं जो सही ई-चालान जैसा दिखता है वे इस ई-चालान को ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भेजते हैं ई-चालान में भारी जुर्माना दर्ज होता है, जिससे लोग डर कर तुरंत भुगतान कर देते हैं जब लोग भुगतान करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें एक नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है.इस नकली वेबसाइट पर, उन्हें अपनी बैंक जानकारी डालने के लिए कहा जाता है.जैसे ही वे अपनी बैंक जानकारी डाल देते हैं, ठग उनके बैंक अकाउंट से पैसा चुरा लेते हैं.

नकली ई-चालान की पहचान कैसे करे

अगर किसी अज्ञात स्रोत से ई-चालान आया हो या फिर किसी अज्ञात ईमेल पते या वेबसाइट से आया हो या फिर ये हो की आपकी ई-चालान में आपका नाम, वाहन का नंबर, चालान नंबर, जुर्माना की राशि या भुगतान की तारीख गलत हो ,कई बार ई-चालान में सरकारी वेबसाइट या वाहन रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी का धुंधला या अस्पष्ट लोगो हो
या व्याकरण में गलती हो.

किसी लिंक पर न करें क्लिक

यहां कुछ सावधानियां हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए,आप कभी भी किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें ये आपको गलत वेबसाइट पर जाता है,केवल सरकारी वेबसाइटों से भुगतान करें और अपनी बैंक जानकारी किसी के साथ शेयर न करें. यदि आपको किसी ई-चालान पर संदेह है, तो संबंधित अधिकारी से सत्यापन कर लें.

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वेबसाइट के डोमेन को ध्यान से देखें

अगर आपको ई-चालान का मैसेज प्राप्त होता है, तो चेक करें कि लिंक में किस डोमेन का इस्तेमाल किया गया है. बता दें कि वैध भारतीय सरकारी वेबसाइटें आमतौर पर “.gov.in” डोमेन का इस्तेमाल करती है. इसलिए अलग-अलग एक्सटेंशन या संदिग्ध URL से सावधान रहें. वहीं, अगर आपको इस तरह के मैसेज प्राप्त होते हैं, उसके बारे में दूसरों को जरूर बताए ताकि दूसरे लोग भी इससे सावधान हो जाएं.

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Author: Ranjay

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