चीन ने किया वायरलेस ट्रेन सिस्टम का सफल टेस्ट, बिना जोड़ के दौड़ीं 7 ट्रेनें, खींचा 35 हजार टन माल

china wireless rail system test: चीन ने बाओशेन रेलवे पर 7 मालगाड़ि��ों का वायरलेस काफिला सफलतापूर्वक दौड़ाया. 35,000 टन लदे इस सिस्टम से रेल फ्रेट क्षमता 50% तक बढ़ सकती है

China Wireless Rail System Test: चीन ने रेल टेक्नोलॉजी में एक बड़ा छलांग लगाते हुए ऐसा सिस्टम टेस्ट किया है, जिसमें लंबी मालगाड़ियां किसी भी फिजिकल कपलिंग के बिना एक साथ चल सकती हैं. इनर मंगोलिया के बाओशेन रेलवे ट्रैक पर हुए इस ट्रायल में सात भारी-भरकम मालगाड़ियां बिल्कुल नजदीक-दूरी में दौड़ीं और कुल मिलाकर करीब 35,000 टन माल लेकर चलीं. दावा है कि यह भार तीन एफिल टॉवर के वजन के बराबर है.

वायरलेस कंट्रोल सिस्टम ने बदला खेल

यह नया ग्रुप कंट्रोल सिस्टम चीन शेनहुआ एनर्जी कंपनी और कुछ घरेलू रिसर्च टीमों ने मिलकर तैयार किया है. इसके चलते कई ट्रेनें बिना किसी फिजिकल लिंक के एक ही आदेश पर चल, रुक और मोड़ बदल सकती हैं. इस तकनीक के सफल परीक्षण ने चीन को रेल फ्रेट बढ़ाने का एक नया रास्ता दिखा दिया है.

ढुलाई क्षमता में 50% तक उछाल की उम्मीद

चीन का दावा है कि इस वायरलेस ट्रेन सिस्टम से रेल माल परिवहन क्षमता 50% तक बढ़ाई जा सकती है, वह भी बिना नयी पटरियां बिछाए.बड़ीमालगाड़ियां चलाने या ट्रेनों के बीच का समय कम करने से माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी. यह तरीका नयी रेल लाइन बनाने की तुलना में कहीं कम खर्चीला माना जा रहा है.

तीन तिमाही में 3 अरब टन माल ढोया गया

सरकारी अखबार ‘चाइना डेली’ के अनुसार, चीन ने इस साल की पहली तीन तिमाहियों में तीन अरब टन से ज्यादा माल रेल से भेजा है. रेलवे कनेक्टिविटी को दूसरे देशों तक बढ़ाने की कोशिशें भी जारी हैं.‘चाइना रेलवे एक्सप्रेस’ पहले ही एशिया और यूरोप के कई देशों के बीच माल ढुलाई का बड़ा नेटवर्क बना चुका है.

नयी लाइनें महंगी, स्मार्ट टेक्नोलॉजी है सस्ता विकल्प

नयी रेल लाइनें बनाना बहुत महंगा पड़ता है, इसलिए चीन की यूनिवर्सिटीज और रिसर्च लैब्स लंबे समय से ऐसे समाधान खोज रही थीं, जो पुराने ट्रैक पर ही क्षमता बढ़ा दें.चांग्शा स्थित सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने हाल में सुझाव दिया कि ट्रेन की लंबाई और रनिंग गैप में सुधार कर ढुलाई क्षमता काफी बढ़ाई जा सकती है. अब वायरलेस ट्रेन सिस्टम इस विचार को और आगे ले जाता दिख रहा है.

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By Rajeev kumar

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