पेट्रोल की बढ़ती कीमतें दुनिया के कई देशों में लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा देश भी है जहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत भारत में मिलने वाली एक टॉफी से भी कम है? दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल वाले देशों की चर्चा होते ही ज्यादातर लोगों के मन में ईरान या वेनेजुएला का नाम आता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है. ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल अफ्रीकी देश लीबिया में मिलता है, जहां इसकी कीमत करीब 2.17 रुपये प्रति लीटर है.
क्यों चर्चा में है लीबिया?
लीबिया दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में गिना जाता है और उसके पास दुनिया का दसवां सबसे बड़ा तेल भंडार मौजूद है. हालांकि तेल भंडार के मामले में यह वेनेजुएला और ईरान से पीछे है, फिर भी पेट्रोल की कीमत के मामले में दोनों देशों को पछाड़ चुका है. कम आबादी और ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी नियंत्रण की वजह से यहां ईंधन की कीमतें बेहद कम बनी हुई हैं.
ईरान और वेनेजुएला क्यों नहीं हैं पहले स्थान पर?
दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला वेनेजुएला पेट्रोल की सस्ती कीमतों की सूची में तीसरे स्थान पर है, जबकि तीसरे सबसे बड़े तेल भंडार वाला ईरान दूसरे नंबर पर आता है. इससे साफ होता है कि सिर्फ तेल भंडार ही पेट्रोल की कीमत तय नहीं करते. सरकारी सब्सिडी, टैक्स नीति, रिफाइनिंग क्षमता और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं.
भारत और लीबिया में कितना बड़ा अंतर?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. यही वजह है कि यहां पेट्रोल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और टैक्स स्ट्रक्चर से काफी प्रभावित होती हैं. हाल के वर्षों में कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुकी है. इसके मुकाबले लीबिया में पेट्रोल की कीमत महज 2.17 रुपये प्रति लीटर है, जो भारतीय कीमतों की तुलना में बेहद कम है.
तेल कीमतों पर वैश्विक घटनाओं का असर
कच्चे तेल का बाजार वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक घटनाओं से प्रभावित होता है. पश्चिम एशिया में तनाव, उत्पादन में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने जैसी परिस्थितियां तेल की कीमतों को ऊपर-नीचे कर सकती हैं. यही कारण है कि तेल आयात पर निर्भर देशों में ईंधन की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.
क्या भारत में भी सस्ता हो सकता है पेट्रोल?
भारत सरकार लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडिंग और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दे रही है ताकि आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सके. हालांकि निकट भविष्य में लीबिया जैसी कीमतों की उम्मीद करना मुश्किल है, लेकिन घरेलू ऊर्जा उत्पादन और वैकल्पिक ईंधनों के विस्तार से लागत पर कुछ हद तक नियंत्रण संभव हो सकता है.
दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल वाले देशों की सूची यह दिखाती है कि सिर्फ तेल भंडार होना ही पर्याप्त नहीं है. किसी देश की ऊर्जा नीति, कर व्यवस्था और आर्थिक ढांचा भी ईंधन की अंतिम कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. फिलहाल लीबिया इस मामले में दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल उपलब्ध कराने वाला देश बना हुआ है.
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