बार-बार बदलनी पड़ रही है कार की बैटरी? जानिए इसकी असली वजह और समाधान

Car Battery Current Leakage: कार बैटरी बार-बार बदलने की असली वजह बैटरी नहीं बल्कि करेंट लीकेज है. जानिए कैसे पहचानें और बचें अनावश्यक खर्च से.

By Rajeev Kumar | January 9, 2026 1:46 PM

Car Battery Current Leakage: देशभर में कार मालिकों के बीच एक आम शिकायत सामने आ रही है- नयी बैटरी लगाने के बावजूद गाड़ी कुछ ही महीनों में फिर स्टार्ट नहीं होती. अक्सर मेकेनिक इसे “बैटरीखराब” बताकर नयी बैटरी लगाने की सलाह देते हैं. लेकिन असली समस्या कहीं और छिपी होती है. यह रिपोर्ट उन यूजर्स के लिए है जो अनावश्यक खर्च से बचना चाहते हैं और अपनी गाड़ी की असली तकनीकी दिक्कत समझना चाहते हैं.

करेंट लीकेज की प्रॉब्लम

एक कार मालिक ने महज एक साल में तीन बार बैटरी बदलवाई. हर बार उसे बताया गया कि बैटरी खराब है. लेकिन जांच में सामने आया कि बैटरी दोषी नहीं थी, बल्कि गाड़ी में करेंट लीकेज हो रहा था. यानी इंजन बंद होने के बाद भी कोई पार्ट, वायर या मॉड्यूल बैटरी से बिजली खींचता रहा.

कई गुना बढ़ जाता है खर्च

इस तरह की समस्या से यूजर्स को सीधा आर्थिक नुकसान होता है. बैटरी की कीमत 3-5 हजार रुपये तक होती है और बार-बार बदलने पर खर्च कई गुना बढ़ जाता है. साथ ही गाड़ी अचानक स्टार्ट न होने से रोजमर्रा की जिंदगी और सफर दोनों प्रभावित होते हैं.

वजह क्या है?

करेंट लीकेज की पहचान मल्टीमीटर टेस्ट या फ्यूज चेकिंग से की जा सकती है. सामान्य स्थिति में बैटरी पर 30-50 mA तक का करंट ड्रॉ स्वीकार्य है. इससे अधिक रीडिंग लीकेज का संकेत देती है. खराब रिले, डोर स्विच, अल्टरनेटर डायोड, शॉर्ट वायरिंग, आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज और OBD डिवाइस इसके प्रमुख कारण हैं.

आफ्टरमार्केट फिटिंग्स से भी लीकेज

ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि नयी गाड़ियों में ECU और BCM मॉड्यूल का स्लीप मोड में न जाना सबसे बड़ी वजह बन रहा है. वहीं आफ्टरमार्केट फिटिंग जैसे सेंट्रल लॉक और फॉग लैंप में गलत वायरिंग से 99% मामलों में लीकेज होता है. ट्रेंड यह भी दिखा रहा है कि GPS ट्रैकर और OBD डिवाइस लगातार बैटरी से करंट खींचते रहते हैं.

2-3 दिन में डाउन हो रही है बैटरी, तो…

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैटरी बदलने से पहले करेंट लीकेज की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए. अच्छे मेकैनिक से AMP टेस्ट कराना और आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज सोच-समझकर लगवाना ही समाधान है. यदि बैटरी 2-3 दिन में डाउन हो रही है तो यह 100% लीकेज का मामला है.

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