80+ km रेंज और 4 घंटे में फुल चार्ज, बिना DL-RTO के चलेगा ये इलेक्ट्रिक स्कूटर, कीमत सिर्फ इतनी

भारत में ऐसे स्कूटर भी हैं जिसे बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के भी इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाए जा सकते हैं. Ampere REO VYB एक ऐसा ही ऑप्शन है जो कम कीमत में शानदार रेंज और लंबी बैटरी लाइफ प्रदान करता है.

इलेक्ट्रिक ऑटो मार्केट में कुछ ऐसे स्कूटर्स भी हैं जिन्हें बिना लाइंसेस और रेजिस्ट्रेशन के चलाया जा सकता है. इसी में एक नाम ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के ब्रांड एम्पियर का इलेक्ट्रिक स्कूटर Ampere REO VYB का है. यह स्कूटर डेली के लोकल इस्तेमाल के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें कम कीमत के साथ शानदार रेंज और लंबी बैटरी लाइफ मिलती है. इसे चलाने के लिए आपको किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Ampere REO VYB: बैटरी लाइफ, चार्जिंग और रेंज 

कंपनी का दावा है कि इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी की लाइफ 1,00,000 किलोमीटर तक है. इसे फुल चार्ज होने में लगभग 5 घंटे का समय लगता है. रेंज और फीचर्स यह इलेक्ट्रिक स्कूटर सिंगल चार्ज में 80 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देता है. बैटरी को 4 घंटे में 0 से 80 परसेंट चार्ज किया जा सकता है.

Ampere REO VYB: स्टोरेज एंड फीचर्स 

फीचर्स की बात करें तो इसमें कलर LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, की-लेस स्टार्ट, LED हेडलाइट और 24 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज दिया गया है. इसका कुल वजन केवल 74 किग्रा है, जिससे इसे ट्रैफिक और कम स्पेस वाली गलियों में आसानी से संभाला जा सकता है. ऐसे में यह फैमिली के किसी भी मेंबर्स के लिए यूजफुल हो जाता है.

Ampere REO VYB: कीमत 

कीमत और बैटरी लाइफ एम्पियर REO VYB की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 71,999 रुपये के बीच रखी गई है. इसमें 1.44 kWh क्षमता वाली एडवांस LFP (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी का इस्तेमाल हुआ है. 

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क्यों नहीं चाहिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन? 

भारत के मोटर वाहन कानून (Central Motor Vehicles Rules) के अनुसार, जिन दोपहिया वाहनों में 250 वाट (0.25 kW) या उससे कम क्षमता की मोटर लगी होती है और जिनकी अधिकतम स्पीड 25 kmph तक सीमित होती है, उन्हें 'लो-स्पीड इलेक्ट्रिक व्हीकल' माना जाता है.

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Ampere REO VYB इसी कैटेगरी में आता है. इसकी टॉप स्पीड 25 kmph है. इस वजह से इसे सड़क पर चलाने के लिए न तो ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है और न ही आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन या नंबर प्लेट की. यही कारण है कि यह छात्रों, बुजुर्गों और लोकल खरीदारी के लिए एक आसान और बजट-फ्रेंडली ऑप्शन बनता है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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