ChatGPT Bug Bounty: लाखों रुपये जीतने का मौका लाया OpenAI, करना होगा बस इतना-सा काम

OpenAI ने कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग पर इस इनीशिएटिव का ऐलान किया. फर्म ने कहा है कि वे अपने एआई सिस्टम की सेफ्टी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए रिसर्च और इंजीनियरिंग में बड़ा निवेश करते हैं.

ChatGPT डेवलप करनेवाले सैन फ्रांसिस्को स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च लैब OpenAI लोगों को 20,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 16 लाख रुपये) कमाने का मौका दे रहा है. फर्म के सह-संस्थापक फर्म सैम ऑल्टमैन ने ‘बग बाउंटी प्रोग्राम’ की घोषणा की है. इसके तहत इसके सिस्टम में कमजोरियों का पता लगाने और रिपोर्ट करनेवाले लोगों को 20,000 अमेरिकी डॉलर तक का कैश प्राइज मिलेगा.

‘बग बाउंटी प्रोग्राम’ क्यों?

OpenAI ने कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग पर इस इनीशिएटिव का ऐलान किया. फर्म ने कहा है कि वे अपने एआई सिस्टम की सेफ्टी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए रिसर्च और इंजीनियरिंग में बड़ा निवेश करते हैं. फर्म ने आगे लिखा है कि जैसा कि किसी भी जटिल तकनीक के साथ होता है, हम समझते हैं कि कमजोरियां और खामियां उभर सकती हैं. ऐसे में चूंकि पारदर्शिता और सहयोग इस वास्तविकता को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए हम वैश्विक समुदाय को हमारे सिस्टम में कमजोरियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने में मदद करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं.

Also Read: Google vs ChatGPT: सर्च इंजन को AI से जोड़कर चैटजीपीटी को टक्कर दे पाएगा गूगल? कौन भाग ले सकता है?

OpenAI ने सिक्योरिटी रिसर्चर्स, एथिकल हैकर्स और तकनीक के प्रति उत्साही लोगों के वैश्विक समुदाय को अपने इस खास प्रोग्राम के लिए इनवाइट किया है. हालांकि, यह सबके लिए खुला है. OpenAI ने बताया है कि उसने इनाम प्रक्रिया का प्रबंधन करने के लिए, Bugcrowd के साथ सहयोग किया है, जो एक प्रमुख बग बाउंटी प्लैटफॉर्म है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >